कई लोग खर्राटों को सामान्य बात समझकर छोड़ देते हैं। हर खर्राटा बीमारी का संकेत नहीं होता। लेकिन यदि सोते समय साँस बार-बार रुकती और फिर शुरू होती है, व्यक्ति हाँफकर उठता है या पूरी रात सोने के बाद भी दिन में बहुत नींद आती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है।
ऐसे लक्षण Sleep Apnea में दिखाई दे सकते हैं। इस लेख में समझें कि यह समस्या क्या है, किन संकेतों पर ध्यान दें और इसकी जाँच कैसे होती है।
Sleep Apnea क्या है?
Sleep Apnea नींद के दौरान साँस से जुड़ी समस्या है। इसमें सोते समय साँस का प्रवाह बार-बार कम हो सकता है या कुछ समय के लिए रुक सकता है। इससे नींद टूटती रहती है, भले ही व्यक्ति को हर बार जागने की बात याद न रहे।
इसका एक आम प्रकार Obstructive Sleep Apnea है। इसमें नींद के दौरान ऊपरी साँस की नली बार-बार संकरी या बंद हो जाती है। Sleep Apnea के दूसरे प्रकार भी होते हैं, इसलिए लक्षण देखकर स्वयं प्रकार तय करना सही नहीं है।
रात में कौन से संकेत दिख सकते हैं?
सो रहे व्यक्ति को अपनी साँस रुकने का पता अक्सर नहीं चलता। साथ सोने वाला व्यक्ति इन बातों पर ध्यान दे सकता है:
- तेज़ या बार-बार खर्राटे;
- साँस रुकती और फिर शुरू होती दिखना;
- हाँफने या घुटन जैसी आवाज़ के साथ नींद खुलना;
- रात में बार-बार जागना;
- बेचैन नींद।
केवल खर्राटों से Sleep Apnea की पुष्टि नहीं होती। कुछ लोगों को खर्राटे आते हैं, लेकिन उन्हें यह समस्या नहीं होती। दूसरी ओर, हर प्रभावित व्यक्ति को अपने लक्षण स्पष्ट रूप से पता भी नहीं चलते।
दिन में क्या परेशानी हो सकती है?
रात की नींद पूरी न होने का असर अगले दिन दिखाई दे सकता है:
- दिन में बहुत नींद या थकान;
- काम या पढ़ाई में ध्यान लगाने में कठिनाई;
- सुबह सिरदर्द;
- उठने पर मुँह सूखना;
- चिड़चिड़ापन या मनोदशा में बदलाव।
ये लक्षण दूसरी वजहों से भी हो सकते हैं। सही कारण जानने के लिए चिकित्सकीय जाँच आवश्यक हो सकती है।
डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
यदि किसी ने आपकी नींद में साँस रुकते देखा है, आप बार-बार हाँफकर उठते हैं या दिन में लगातार इतनी नींद आती है कि सामान्य काम प्रभावित हों, तो डॉक्टर से मिलें। साथ रहने वाले व्यक्ति ने जो देखा है, वह जानकारी भी डॉक्टर को बताएँ।
डॉक्टर को यह बताना उपयोगी होगा कि समस्या कब से है, आप कितनी देर सोते हैं, खर्राटे कितने नियमित हैं और दिन में नींद का क्या असर पड़ता है। कोई पुरानी बीमारी या नियमित दवा है तो उसकी जानकारी भी दें।
यदि वाहन चलाते समय नींद आने लगे, तो गाड़ी रोकें और चिकित्सकीय सलाह लें। अत्यधिक नींद के साथ वाहन चलाना आपके और दूसरों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
Sleep Apnea की जाँच कैसे होती है?
डॉक्टर पहले लक्षण और स्वास्थ्य इतिहास समझते हैं। आवश्यकता होने पर वे नींद की जाँच, जिसे स्लीप स्टडी भी कहते हैं, कराने की सलाह दे सकते हैं।
इस जाँच में सोते समय साँस और शरीर से जुड़े कुछ संकेत देखे जाते हैं। परिस्थिति के अनुसार जाँच घर पर उपकरण के साथ या नींद जाँच केंद्र में हो सकती है। परिणाम से डॉक्टर यह समझने में मदद लेते हैं कि समस्या है या नहीं और उसकी गंभीरता कितनी है।
मोबाइल ऐप या खर्राटों की आवाज़ की रिकॉर्डिंग डॉक्टर से बात शुरू करने में मदद कर सकती है, लेकिन अपने आप बीमारी की पुष्टि नहीं करती।
इसका इलाज कैसे हो सकता है?
इलाज जाँच के परिणाम और व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर करता है। कुछ लोगों को जीवनशैली में बदलाव की सलाह दी जाती है, जैसे नियमित गतिविधि, धूम्रपान छोड़ना या अधिक वजन होने पर वजन का प्रबंधन।
कई मरीजों के लिए डॉक्टर CPAP नाम के उपकरण की सलाह दे सकते हैं। यह मास्क के ज़रिए हवा का दबाव देता है, जिससे नींद में साँस की नली खुली रखने में मदद मिलती है। कुछ स्थितियों में मुँह में लगाया जाने वाला विशेष उपकरण या अन्य इलाज भी सुझाया जा सकता है।
CPAP मशीन या मुँह में लगाने वाला उपकरण बिना सही जाँच और विशेषज्ञ की सलाह के स्वयं न चुनें। कौन सा इलाज उचित है, यह हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। यदि डॉक्टर ने वजन से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर भी ध्यान देने को कहा है, तो TaraTimes पर फैटी लिवर के लक्षण और बचाव की जानकारी भी पढ़ सकते हैं।
नींद और साँस से जुड़ी इस समस्या की अधिक जानकारी अमेरिका के राष्ट्रीय हृदय, फेफड़ा और रक्त संस्थान के स्वास्थ्य पेज पर उपलब्ध है।
निष्कर्ष
Sleep Apnea का संदेह खासकर तब होता है जब खर्राटों के साथ नींद में साँस रुकने, हाँफकर उठने या दिन में बहुत नींद आने जैसे संकेत हों। लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें, लेकिन खुद से बीमारी का नाम भी तय न करें। डॉक्टर से बात करें; आवश्यकता होने पर नींद की जाँच से सही स्थिति समझी जा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: क्या हर खर्राटा Sleep Apnea है?
उत्तर: नहीं। केवल खर्राटे आने से Sleep Apnea की पुष्टि नहीं होती।
प्रश्न: नींद में साँस रुकने का पता कैसे चलता है?
उत्तर: कभी साथ सोने वाला व्यक्ति साँस रुकते या हाँफकर उठते देखता है। जाँच के लिए डॉक्टर नींद की जाँच सुझा सकते हैं।
प्रश्न: क्या दिन में बहुत नींद आना इसका संकेत है?
उत्तर: हो सकता है, खासकर यदि रात में साँस रुकने या तेज खर्राटों के संकेत भी हों। दिन में नींद आने के अन्य कारण भी हो सकते हैं।
प्रश्न: क्या इसका इलाज संभव है?
उत्तर: हाँ, इलाज के कई विकल्प हैं। उचित विकल्प जाँच और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करता है।
प्रश्न: क्या CPAP हर मरीज को चाहिए?
उत्तर: नहीं। इलाज व्यक्ति की समस्या और उसकी गंभीरता के अनुसार तय किया जाता है।
Disclaimer
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है; इससे बीमारी की पहचान या इलाज तय न करें। नींद में साँस रुकने, हाँफकर उठने या दिन में अत्यधिक नींद आने पर योग्य डॉक्टर से सलाह लें। किसी मशीन, दवा या नींद की गोली का उपयोग अपनी ओर से शुरू न करें।


