PM Viksit Bharat Rozgar Yojana 2026 पहली बार संगठित क्षेत्र में नौकरी करने वाले युवाओं के लिए केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण रोजगार योजना है। इसके अंतर्गत योग्य कर्मचारी को एक महीने के वेतन के बराबर, अधिकतम ₹15,000 तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि नौकरी मिलते ही प्रत्येक युवा के खाते में पूरे ₹15,000 आ जाएंगे। लाभ के लिए कर्मचारी का पहली बार EPFO से जुड़ना, UAN बनना, आधार से जुड़ा बैंक खाता होना और निर्धारित अवधि तक नौकरी जारी रखना जरूरी है।
इस लेख में सरल भाषा में जानेंगे कि योजना किसके लिए है, पैसा कितनी किस्तों में मिलेगा, UAN कैसे बनेगा और कर्मचारी को अलग से आवेदन करना होगा या नहीं।
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana 2026 क्या है?
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का उद्देश्य देश में नए रोजगार बढ़ाना और पहली नौकरी शुरू करने वाले युवाओं को आर्थिक सहायता देना है।
योजना को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO के माध्यम से चलाया जा रहा है। इसके दो मुख्य भाग हैं:
- पहली बार EPFO से जुड़ने वाले कर्मचारी को आर्थिक सहायता।
- नया रोजगार देने वाले नियोक्ता को प्रोत्साहन राशि।
योजना 1 अगस्त 2025 से प्रभावी है। इसके अंतर्गत 31 जुलाई 2027 तक पैदा होने वाले योग्य नए रोजगार शामिल किए जाने हैं।
योजना की मुख्य जानकारी
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना |
| लाभार्थी | पहली बार EPFO से जुड़ने वाले योग्य कर्मचारी |
| कर्मचारी को लाभ | एक महीने के EPF वेतन के बराबर |
| अधिकतम सहायता | ₹15,000 तक |
| भुगतान | दो किस्तों में |
| पहली किस्त | छह महीने की लगातार नौकरी के बाद |
| दूसरी किस्त | 12 महीने की नौकरी और वित्तीय जानकारी कार्यक्रम पूरा करने के बाद |
| वेतन सीमा | अधिकतम ₹1 लाख मासिक वेतन वाले कर्मचारी |
| भुगतान का माध्यम | आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे भुगतान |
| योजना अवधि | 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक |
पहली नौकरी पर ₹15,000 किसे मिलेंगे?
योजना का लाभ पाने के लिए केवल नई नौकरी मिलना पर्याप्त नहीं है। कर्मचारी को निम्न मुख्य शर्तें पूरी करनी होंगी:
- कर्मचारी पहली बार EPFO में पंजीकृत हो।
- पहले कभी उसके नाम से EPF अंशदान जमा न हुआ हो।
- कर्मचारी का मासिक वेतन ₹1 लाख से अधिक न हो।
- नौकरी देने वाला संस्थान EPFO में पंजीकृत हो।
- संस्थान नियमित रूप से कर्मचारी का EPF अंशदान जमा करे।
- कर्मचारी के पास आधार से सत्यापित UAN हो।
- बैंक खाता आधार से जुड़ा और सीधे भुगतान प्राप्त करने योग्य हो।
- कर्मचारी निर्धारित अवधि तक नौकरी में बना रहे।
यदि आपने पहले किसी कंपनी में ऐसी नौकरी की है जिसमें आपके नाम से EPF जमा हुआ था, तो सामान्यतः आपको पहली बार नौकरी करने वाला कर्मचारी नहीं माना जाएगा।
क्या सभी कर्मचारियों को पूरे ₹15,000 मिलेंगे?
नहीं। ₹15,000 योजना के अंतर्गत मिलने वाली अधिकतम राशि है।
कर्मचारी को मिलने वाला वास्तविक लाभ उसके एक महीने के EPF वेतन के आधार पर तय होगा। उदाहरण के लिए, यदि योग्य वेतन ₹12,000 है तो सहायता उससे अधिक नहीं होगी। यदि योग्य वेतन ₹18,000 है, तब भी अधिकतम सीमा ₹15,000 ही रहेगी।
इसलिए योजना को “सभी को निश्चित ₹15,000” देने वाली योजना समझना सही नहीं होगा।
पैसा कितनी किस्तों में मिलेगा?
योग्य कर्मचारी की सहायता राशि दो किस्तों में दी जाएगी।
पहली किस्त
पहली किस्त के लिए कर्मचारी को कम से कम छह महीने तक लगातार नौकरी करनी होगी। इस अवधि के EPF अंशदान और रोजगार विवरण की जाँच EPFO के अभिलेखों से की जाएगी।
दूसरी किस्त
दूसरी किस्त 12 महीने की नौकरी पूरी होने और निर्धारित वित्तीय जानकारी कार्यक्रम पूरा करने के बाद मिल सकती है।
योजना के नियमों के अनुसार दूसरी किस्त का एक हिस्सा निश्चित अवधि के लिए बचत के रूप में रखा जा सकता है। इसका उद्देश्य कर्मचारी में नियमित बचत की आदत को बढ़ावा देना है।
क्या कर्मचारी को ऑनलाइन आवेदन करना होगा?
इस योजना में किसी सामान्य सरकारी योजना की तरह प्रत्येक कर्मचारी के लिए अलग आवेदन पत्र भरकर जमा करने की प्रक्रिया नहीं बताई गई है।
योग्यता की पहचान मुख्य रूप से इन अभिलेखों से होगी:
- कर्मचारी का UAN
- नियोक्ता द्वारा जमा की गई ECR
- कर्मचारी का EPF अंशदान
- आधार से जुड़ा बैंक खाता
- लगातार नौकरी की अवधि
ECR वह मासिक विवरण है जिसे नियोक्ता EPFO के पास जमा करता है। इसी में कर्मचारी के वेतन और EPF अंशदान की जानकारी होती है।
कर्मचारी को अपने नियोक्ता के मानव संसाधन या वेतन विभाग से पूछना चाहिए कि उसका UAN सक्रिय है और EPF अंशदान समय पर जमा हो रहा है या नहीं।
योजना की जानकारी प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के आधिकारिक पोर्टल पर देखी जा सकती है।
UAN कैसे बनवाएं?
UAN का पूरा नाम Universal Account Number है। इसे आसान भाषा में कर्मचारी के EPF खाते की स्थायी पहचान संख्या कहा जा सकता है।
पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारी को UMANG मोबाइल अनुप्रयोग की चेहरा पहचान सुविधा से UAN बनाने की आवश्यकता हो सकती है।
सामान्य प्रक्रिया
- मोबाइल में आधिकारिक UMANG अनुप्रयोग डाउनलोड करें।
- अपने मोबाइल नंबर से पंजीकरण करें।
- EPFO सेवा का चुनाव करें।
- UAN बनाने से संबंधित विकल्प खोलें।
- आधार संख्या और मांगी गई जानकारी भरें।
- चेहरा पहचान प्रक्रिया पूरी करें।
- जानकारी सही मिलने पर UAN जारी हो सकता है।
- UAN की जानकारी अपने नियोक्ता को दें।
किसी अनजान व्यक्ति को आधार OTP, बैंक OTP या UAN का पासवर्ड नहीं देना चाहिए। जरूरी खातों का पासवर्ड सुरक्षित रखने के लिए हमारा लेख पासवर्ड मैनेजर क्या है भी पढ़ सकते हैं।
आधार से बैंक खाता जुड़ा होना क्यों जरूरी है?
कर्मचारी को मिलने वाली राशि सीधे उसके बैंक खाते में भेजी जानी है। इसके लिए आधार आधारित भुगतान व्यवस्था का उपयोग किया जा सकता है।
इसलिए यह जाँच लें कि:
- बैंक खाते में नाम आधार के अनुसार है।
- आधार संख्या बैंक खाते से जुड़ी है।
- बैंक खाता चालू है।
- मोबाइल नंबर बैंक में दर्ज है।
- खाते में सीधे सरकारी भुगतान प्राप्त हो सकता है।
केवल आधार संख्या बैंक में दर्ज होना और आधार आधारित भुगतान के लिए खाता सक्रिय होना अलग बातें हो सकती हैं। जरूरत पड़ने पर अपनी बैंक शाखा से इसकी पुष्टि करें।
यदि किसी काम में बैंक खाते का प्रमाण देना हो तो कैंसिल चेक क्या होता है लेख उपयोगी हो सकता है।
नौकरी बदलने या छोड़ने पर क्या होगा?
योजना में किस्त पाने के लिए लगातार नौकरी और EPF अंशदान की अवधि महत्वपूर्ण है।
यदि कर्मचारी छह महीने से पहले नौकरी छोड़ देता है तो पहली किस्त की पात्रता प्रभावित हो सकती है। इसी प्रकार 12 महीने पूरे होने से पहले सेवा टूटने पर दूसरी किस्त रुक सकती है।
नौकरी बदलने की स्थिति में पुराना UAN छोड़कर नया UAN बनवाने की कोशिश न करें। सामान्यतः कर्मचारी को अपना मौजूदा UAN ही नए नियोक्ता को देना चाहिए।
अंतिम पात्रता EPFO में दर्ज रोजगार और अंशदान के अभिलेखों के अनुसार तय होगी।
नियोक्ता को कितना लाभ मिलेगा?
यह योजना केवल कर्मचारी को ही सहायता नहीं देती। योग्य नया रोजगार देने वाले नियोक्ता को भी प्रति अतिरिक्त कर्मचारी अधिकतम ₹3,000 प्रतिमाह तक प्रोत्साहन मिल सकता है।
सामान्य क्षेत्रों में यह सहायता निर्धारित अवधि तक मिल सकती है, जबकि विनिर्माण क्षेत्र में इसे अधिक समय तक दिए जाने का प्रावधान है।
इससे कंपनियों को नए कर्मचारी नियुक्त करने और रोजगार लंबे समय तक बनाए रखने के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
यदि कोई छोटा कारोबारी अपने व्यवसाय को औपचारिक पहचान देना चाहता है तो उद्यम पंजीकरण की प्रक्रिया भी समझ सकता है।
कर्मचारी अपनी पात्रता कैसे जाँच सकता है?
फिलहाल कर्मचारी को निम्न तरीके अपनाने चाहिए:
- अपने वेतन पत्र में PF कटौती देखें।
- नियोक्ता से UAN प्राप्त करें।
- EPFO सदस्य खाते में जाकर अंशदान की जानकारी जाँचें।
- आधार और बैंक खाते में नाम की वर्तनी मिलाएं।
- बैंक से आधार आधारित भुगतान की स्थिति पूछें।
- नौकरी के छह और 12 महीने पूरे होने की तारीख लिखकर रखें।
- केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।
EPF खाते और अंशदान की सामान्य जानकारी EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
धोखाधड़ी से कैसे बचें?
रोजगार योजना के नाम पर ठगी करने वाले लोग नकली संदेश या वेबसाइट भेज सकते हैं। इनसे सावधान रहें।
- लाभ दिलाने के नाम पर किसी व्यक्ति को शुल्क न दें।
- बैंक OTP और आधार OTP साझा न करें।
- अनजान मोबाइल अनुप्रयोग डाउनलोड न करें।
- WhatsApp पर भेजे गए संदिग्ध पंजीकरण लिंक न खोलें।
- UAN का पासवर्ड किसी एजेंट को न बताएं।
- भुगतान पाने के लिए स्क्रीन साझा करने वाला अनुप्रयोग न चलाएं।
- आधिकारिक पोर्टल का पता स्वयं लिखकर खोलें।
योजना का दूसरा आधिकारिक पोर्टल श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का PM-VBRY पोर्टल है।
इस योजना से युवाओं को क्या लाभ होगा?
पहली नौकरी शुरू करने वाले युवा को शुरुआती महीनों में यात्रा, किराया, भोजन, कपड़े और अन्य आवश्यक खर्च उठाने पड़ते हैं। ऐसे में मिलने वाली सहायता आर्थिक दबाव कम कर सकती है।
इसके साथ ही योजना युवाओं को औपचारिक रोजगार, EPF बचत और बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ती है। इससे नौकरी का दर्ज विवरण बनता है और भविष्य के लिए नियमित बचत शुरू होती है।
फिर भी युवाओं को केवल सहायता राशि देखकर नौकरी नहीं चुननी चाहिए। वेतन, काम का वातावरण, नौकरी की सुरक्षा और सीखने के अवसर भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana 2026 में कितने रुपये मिलेंगे?
योग्य पहली बार EPFO से जुड़ने वाले कर्मचारी को एक महीने के EPF वेतन के बराबर, अधिकतम ₹15,000 तक मिल सकते हैं।
क्या ₹15,000 एक साथ मिलेंगे?
नहीं। सहायता राशि दो किस्तों में दी जानी है। पहली किस्त छह महीने और दूसरी किस्त 12 महीने की योग्य सेवा के बाद मिल सकती है।
क्या बेरोजगार युवा सीधे आवेदन कर सकता है?
केवल बेरोजगार होने से लाभ नहीं मिलेगा। व्यक्ति को EPFO में पंजीकृत संस्थान में पहली औपचारिक नौकरी शुरू करनी होगी और योजना की शर्तें पूरी करनी होंगी।
क्या पहले से PF खाता होने पर लाभ मिलेगा?
यह भाग पहली बार EPFO से जुड़ने वाले कर्मचारियों के लिए है। पहले से EPF अंशदान होने पर कर्मचारी सामान्यतः प्रथम बार नौकरी करने वाली श्रेणी में नहीं आएगा।
क्या निजी कंपनी के कर्मचारी को लाभ मिलेगा?
हाँ, यदि निजी कंपनी EPFO में पंजीकृत है और कर्मचारी तथा नियोक्ता योजना की सभी शर्तें पूरी करते हैं।
UAN बनवाने के लिए पैसे देने होंगे?
आधिकारिक माध्यम से UAN बनाने के लिए किसी अनजान एजेंट को पैसे देने की जरूरत नहीं है। केवल UMANG और EPFO की आधिकारिक सेवाओं का उपयोग करें।
भुगतान किस बैंक खाते में आएगा?
राशि कर्मचारी के आधार से जुड़े और आधार आधारित भुगतान के लिए सक्रिय बैंक खाते में भेजी जा सकती है।
क्या नौकरी छोड़ने पर किस्त मिलेगी?
निर्धारित अवधि से पहले नौकरी छोड़ने या EPF अंशदान रुकने पर पात्रता प्रभावित हो सकती है। अंतिम निर्णय EPFO के अभिलेखों और योजना के नियमों के अनुसार होगा।
निष्कर्ष
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana 2026 पहली बार संगठित क्षेत्र में नौकरी करने वाले युवाओं के लिए उपयोगी सहायता है। पात्र कर्मचारी को एक महीने के वेतन के बराबर अधिकतम ₹15,000 तक लाभ मिल सकता है, लेकिन इसके लिए UAN, नियमित EPF अंशदान, आधार से जुड़ा बैंक खाता और लगातार नौकरी जैसी शर्तें पूरी करनी होंगी।
नई नौकरी शुरू करते समय अपने UAN, बैंक खाते और EPF अंशदान की जानकारी अवश्य जाँचें। किसी भी संदेश या एजेंट के दावे पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर पुष्टि करें।
अस्वीकरण
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। योजना की पात्रता, राशि, भुगतान और प्रक्रिया सरकार या EPFO के नए निर्देशों के अनुसार बदल सकती है। किसी भी आवेदन, बैंकिंग कार्य या निर्णय से पहले PM-VBRY, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय अथवा EPFO के आधिकारिक पोर्टल पर नवीनतम नियम अवश्य जाँचें। TaraTimes किसी भी भुगतान या लाभ की गारंटी नहीं देता।


