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Online Shopping New Rules 2026: कीमत, Sponsored Listing और Dark Pattern पर क्या बदला?

Online Shopping New Rules 2026 ऑनलाइन खरीदारी करने वाले ग्राहकों को कीमत, छूट, विक्रेता और प्रायोजित उत्पादों की अधिक स्पष्ट जानकारी देने के लिए बनाए गए हैं। केंद्र सरकार ने 9 सितंबर 2026 को Consumer Protection (E-Commerce) Rules में संशोधन की अधिसूचना जारी की है।

ये संशोधित नियम 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होंगे। इसलिए ग्राहकों को सभी बदलाव तुरंत प्रत्येक वेबसाइट और ऐप पर दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है। ऑनलाइन व्यापार करने वाली कंपनियों को अपनी व्यवस्था नए नियमों के अनुसार बदलने के लिए समय दिया गया है।

नए नियमों में नकली छूट दिखाने, पैसे देकर ऊपर दिखाई जाने वाली Sponsored Listing को छिपाने, ग्राहक की खोज से अलग परिणाम दिखाकर भ्रमित करने और Dark Pattern का इस्तेमाल करने जैसी गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

आइए आसान हिंदी में समझते हैं कि ऑनलाइन खरीदारी के नियमों में क्या बदला है और इससे सामान्य ग्राहक को क्या लाभ मिल सकता है।

Online Shopping New Rules 2026 क्या हैं?

इनका आधिकारिक नाम Consumer Protection (E-Commerce) (Amendment) Rules, 2026 है। ये नियम पहले से लागू Consumer Protection (E-Commerce) Rules, 2020 में संशोधन करते हैं।

ये बदलाव ऑनलाइन सामान और सेवाएँ बेचने वाले marketplace तथा inventory आधारित e-commerce मंचों पर लागू हो सकते हैं। इनमें वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से होने वाली ऑनलाइन खरीदारी भी शामिल है।

नए नियमों का उद्देश्य ग्राहक को खरीदारी से पहले अधिक सही और स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराना है। इससे ग्राहक कीमत, विक्रेता, उत्पाद की अवधि, वापसी की शर्त और विज्ञापन के आधार पर बेहतर निर्णय ले सकेगा।

ये नियम कब से लागू होंगे?

सरकार ने संशोधित नियमों को 9 सितंबर 2026 को अधिसूचित किया है। इनके मुख्य प्रावधान 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे।

अधिसूचना जारी होने और नियम लागू होने की तारीख अलग-अलग है। इसलिए सितंबर 2026 से ही हर ऑनलाइन मंच पर सभी बदलाव दिखाई न देने पर यह नहीं मानना चाहिए कि मंच ने अनिवार्य रूप से नियम तोड़ दिया है।

1 जनवरी 2027 के बाद संबंधित ऑनलाइन मंचों से नई आवश्यकताओं के पालन की अपेक्षा की जाएगी।

Online Shopping New Rules 2026 में क्या बदलाव हुए?

1. नकली छूट दिखाना कठिन होगा

ऑनलाइन खरीदारी में कई बार किसी वस्तु की कीमत बहुत अधिक काटकर उसके नीचे बड़ी छूट दिखाई जाती है। लेकिन संभव है कि वस्तु वास्तव में उस अधिक कीमत पर हाल में बेची ही न गई हो।

नए नियमों के अनुसार, कीमत घटाने की घोषणा करते समय उत्पाद का Prior Price, यानी पिछला मूल्य भी दिखाना होगा। पिछला मूल्य उस वस्तु की छूट घोषित होने से पहले के 30 दिनों में उपलब्ध सबसे कम मूल्य होगा।

उदाहरण के लिए, यदि कोई वस्तु पिछले 30 दिनों में सबसे कम ₹2,500 में उपलब्ध थी, तो मंच केवल ₹5,000 काटकर ₹2,400 की कीमत दिखाते हुए इसे बहुत बड़ी छूट के रूप में प्रस्तुत नहीं कर सकेगा। तुलना के लिए वास्तविक पिछली कीमत दिखानी होगी।

इससे ग्राहक को समझने में सहायता मिलेगी कि छूट वास्तव में कितनी है।

2. Sponsored Listing की पहचान स्पष्ट होगी

ऑनलाइन मंचों पर कुछ उत्पाद पैसे, कमीशन या व्यावसायिक समझौते के कारण खोज परिणामों में ऊपर दिखाई दे सकते हैं। सामान्य ग्राहक इसे सर्वश्रेष्ठ या सबसे लोकप्रिय परिणाम समझ सकता है।

नए नियमों के तहत प्रायोजित उत्पाद या सेवा को स्पष्ट और प्रमुख रूप से Sponsored अथवा विज्ञापन के रूप में पहचानना होगा।

इससे ग्राहक यह जान सकेगा कि कोई उत्पाद उसकी खोज के लिए स्वाभाविक रूप से ऊपर आया है या उसे भुगतान के आधार पर प्रमुख स्थान मिला है।

Sponsored होने का अर्थ यह नहीं है कि उत्पाद खराब है। इसका अर्थ केवल यह है कि उसकी प्रमुख स्थिति व्यावसायिक भुगतान या प्रचार से प्रभावित हो सकती है।

3. Search Result में भ्रामक बदलाव पर रोक

किसी ग्राहक ने जो वस्तु खोजी है, ऑनलाइन मंच को खोज परिणामों में भ्रामक बदलाव करके उसे किसी दूसरे उत्पाद की ओर नहीं धकेलना चाहिए।

नए नियम e-commerce संस्थाओं को ग्राहक की search query को ध्यान में रखते हुए ऐसे search result manipulation से रोकते हैं, जिससे ग्राहक भ्रमित हो या परिणाम उसकी वास्तविक खोज से मेल न खाएँ।

मंच को ranking तय करने वाले मुख्य मापदंडों की जानकारी उनके महत्व के क्रम में बतानी होगी। इसमें कीमत, लोकप्रियता, ग्राहक समीक्षा, विज्ञापन, उपलब्धता अथवा अन्य संबंधित कारक शामिल हो सकते हैं।

इससे यह समझना आसान होगा कि कुछ विक्रेता या वस्तुएँ ऊपर क्यों दिखाई दे रही हैं।

4. Dark Pattern का वार्षिक परीक्षण होगा

Dark Pattern ऐसे बनावटी तरीके होते हैं जिनसे ग्राहक को उसकी इच्छा के विरुद्ध कोई निर्णय लेने के लिए प्रभावित किया जाता है।

इसके उदाहरण हो सकते हैं:

  • बिना स्पष्ट अनुमति के अतिरिक्त सेवा जोड़ देना।
  • भुगतान के अंतिम चरण में नया शुल्क दिखाना।
  • सदस्यता लेना आसान लेकिन बंद करना बहुत कठिन बनाना।
  • “केवल दो मिनट बाकी” जैसा नकली दबाव बनाना।
  • मना करने वाला विकल्प बहुत छोटा या अस्पष्ट रखना।
  • पहले से चुना हुआ बीमा या अतिरिक्त उत्पाद जोड़ देना।
  • बार-बार संदेश दिखाकर ग्राहक को सहमति देने के लिए मजबूर करना।

नए नियमों के अंतर्गत e-commerce मंचों को Dark Pattern रोकने वाली सरकारी guidelines का पालन करना होगा। उन्हें हर वर्ष अपनी व्यवस्था का self-audit भी करना होगा और Dark Pattern से मुक्त होने का प्रमाणपत्र प्रमुख रूप से दिखाना होगा।

किसी संदिग्ध खरीदारी लिंक की पहचान करने के लिए Cyber Fraud क्या है और Online Scam से कैसे बचें लेख भी पढ़ सकते हैं।

5. Seller का नाम Invoice पर स्पष्ट दिखेगा

ऑनलाइन खरीदारी के बाद मिलने वाले Invoice में कई बार marketplace का नाम प्रमुख होता है, जबकि सामान बेचने वाले वास्तविक seller का नाम छोटे अक्षरों में दिया जाता है।

नए नियमों के तहत Invoice पर वास्तविक seller का नाम स्पष्ट और प्रमुख रूप से दिखाना होगा। seller का नाम e-commerce मंच के नाम के समान आकार के अक्षरों में प्रदर्शित किया जाना चाहिए।

यह जानकारी खराब उत्पाद, warranty, return, tax invoice या शिकायत के समय महत्वपूर्ण हो सकती है।

6. खरीदारी से पहले Seller की अधिक जानकारी मिलेगी

Marketplace को ग्राहक को खरीदारी से पहले seller की उपलब्ध वेबसाइट और ईमेल की जानकारी देनी होगी।

इसके अतिरिक्त seller या उत्पाद से संबंधित जरूरी पहचान संख्या भी प्रदर्शित करनी पड़ सकती है। इसमें लागू होने की स्थिति में GSTIN या MSME Registration Number जैसी जानकारी शामिल हो सकती है।

इससे ग्राहक को अनजान seller की पहचान जाँचने और आवश्यकता पड़ने पर संपर्क करने में सहायता मिल सकती है।

केवल GSTIN या MSME नंबर दिखाई देना seller की गुणवत्ता की गारंटी नहीं है। ग्राहक को rating, पुरानी reviews, return policy और संपर्क जानकारी भी देखनी चाहिए।

7. Best-Before और Use-Before की जानकारी

जिन उत्पादों की उपयोग अवधि सीमित होती है, उनके लिए best-before या use-before की जानकारी खरीदारी से पहले दिखानी होगी।

यह नियम विशेष रूप से सौंदर्य प्रसाधन, स्वास्थ्य उत्पाद, व्यक्तिगत देखभाल की वस्तुएँ और अन्य सीमित अवधि वाले सामान खरीदते समय उपयोगी होगा। खाद्य पदार्थों के मामले में संबंधित खाद्य सुरक्षा नियम भी लागू होंगे।

ग्राहक को उत्पाद मिलने के बाद केवल पैकेट पर अवधि देखने के बजाय ऑर्डर करने से पहले यह जानकारी मिल सकेगी।

8. Return, Refund और Warranty की स्पष्ट जानकारी

ग्राहक को खरीदारी से पहले निम्न जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध करानी होगी:

  • Return की शर्तें
  • Refund की प्रक्रिया
  • Exchange का विकल्प
  • Warranty या Guarantee
  • Delivery और Shipment की जानकारी
  • वापसी की Shipping Cost
  • भुगतान के उपलब्ध तरीके
  • शिकायत समाधान की प्रक्रिया

इससे “यह वस्तु वापस नहीं होगी” या “Return Shipping ग्राहक देगा” जैसी महत्वपूर्ण शर्तें खरीदारी के बाद सामने आने की संभावना कम हो सकती है।

फिर भी ग्राहक को भुगतान करने से पहले उत्पाद के पृष्ठ पर उपलब्ध सभी शर्तें पढ़नी चाहिए और महँगी वस्तु खरीदते समय उनका screenshot सुरक्षित रखना चाहिए।

9. Imported Product की पूरी जानकारी

आयातित सामान के लिए importer की जानकारी और उत्पाद के मूल देश का पूरा नाम दिखाना होगा।

इससे ग्राहक को पता चल सकेगा कि सामान किस देश से आया है और भारत में उसका जिम्मेदार importer कौन है।

केवल विदेशी नाम या पैकेजिंग देखकर उत्पाद के मूल देश का अनुमान न लगाएँ। उत्पाद के पृष्ठ और पैकेट पर दी गई country of origin की जानकारी देखें।

10. ग्राहक की शिकायत की प्रति मिलेगी

E-commerce कंपनी के grievance officer को ग्राहक द्वारा दर्ज शिकायत की रिकॉर्ड की गई प्रति उपलब्ध करानी होगी।

यह बदलाव महत्वपूर्ण है क्योंकि ग्राहक के पास प्रमाण रहेगा कि शिकायत में कौन-सी समस्या दर्ज की गई थी। इससे बाद में शिकायत के शब्द बदलने या विवरण अधूरा दर्ज होने जैसे विवाद कम हो सकते हैं।

पुराने नियमों में शिकायत मिलने की सूचना 48 घंटे में देने और सामान्य रूप से एक महीने में समाधान करने की व्यवस्था थी। संशोधन के बाद ये समय सीमाएँ बनी रहती हैं।

11. National Consumer Helpline से जुड़ना जरूरी

हर संबंधित e-commerce संस्था को National Consumer Helpline की convergence प्रक्रिया का भाग बनना होगा।

इससे ऑनलाइन मंच और राष्ट्रीय उपभोक्ता शिकायत व्यवस्था के बीच समन्वय बेहतर हो सकता है। ग्राहक unresolved complaint को उचित माध्यम से आगे बढ़ा सकेगा।

National Consumer Helpline की जानकारी consumerhelpline.gov.in पर उपलब्ध है।

12. ग्राहक के Data के उपयोग पर सीमा

Marketplace अपने पास मौजूद ग्राहकों की जानकारी का उपयोग अपने समान नाम या brand वाले seller को अनुचित लाभ पहुँचाने के लिए नहीं कर सकेगा।

किसी seller को marketplace से जुड़ा हुआ बताकर प्रचार करने के लिए ग्राहक की जानकारी का इस्तेमाल करने से पहले स्पष्ट और सकारात्मक सहमति की आवश्यकता हो सकती है।

यह बदलाव ग्राहक की जानकारी के व्यावसायिक उपयोग और marketplace के अपने brand को मिलने वाले अनुचित लाभ से संबंधित है।

अपने अलग-अलग ऑनलाइन खातों के सुरक्षित login के लिए Password Manager क्या है और इसका उपयोग कैसे करें पढ़ें।

13. असंबंधित सेवाओं का Bundled Fee नहीं

Marketplace ऐसी bundled fee नहीं ले सकेगा जिसमें e-commerce मंच से असंबंधित सेवाओं का शुल्क भी जोड़ दिया गया हो।

हालाँकि, loyalty या membership programme और उससे जुड़े लाभों के लिए अलग प्रावधान हो सकते हैं। इसलिए membership लेते समय उसका शुल्क, renewal, cancellation और मिलने वाले लाभ पढ़ना जरूरी है।

नए नियमों से ग्राहक को क्या लाभ मिलेगा?

Online Shopping New Rules 2026 से ग्राहक को निम्न लाभ मिल सकते हैं:

  • असली और नकली छूट में अंतर करना आसान होगा।
  • Sponsored Product की स्पष्ट पहचान होगी।
  • Search Result अधिक पारदर्शी हो सकते हैं।
  • Seller और importer की जानकारी आसानी से मिलेगी।
  • Return, Refund और Warranty की शर्तें पहले दिखाई देंगी।
  • Dark Pattern के विरुद्ध जवाबदेही बढ़ेगी।
  • शिकायत का लिखित प्रमाण मिलेगा।
  • सीमित अवधि वाले उत्पाद की तारीख पहले जाँची जा सकेगी।
  • National Consumer Helpline से शिकायत समाधान में सहायता मिल सकती है।

इनका वास्तविक लाभ नियम लागू होने और प्रभावी निगरानी के बाद ही स्पष्ट होगा।

ऑनलाइन खरीदारी करते समय किन बातों का ध्यान रखें?

नए नियम आने के बाद भी ग्राहक को सावधानी रखनी होगी।

खरीदने से पहले कीमत की जाँच करें

एक ही वस्तु की कीमत अलग-अलग भरोसेमंद मंचों पर देखें। केवल छूट प्रतिशत देखकर खरीदारी न करें। पिछले कुछ दिनों की कीमत याद हो तो उससे भी तुलना करें।

Sponsored Label देखें

Search Result में ऊपर दिखाई देने वाला उत्पाद हमेशा सबसे अच्छा या सबसे सस्ता नहीं होता। Sponsored अथवा Ad लिखा हो तो दूसरे परिणामों से तुलना करें।

Seller की Rating जाँचें

केवल उत्पाद की rating नहीं, seller की rating, पुरानी reviews और बिक्री का रिकॉर्ड भी देखें। बहुत कम समय में आई एक जैसी reviews संदिग्ध हो सकती हैं।

Return Policy का Screenshot रखें

महँगी वस्तु खरीदते समय कीमत, seller, delivery date, warranty और return policy का screenshot सुरक्षित रखें। विवाद होने पर यह उपयोगी प्रमाण बन सकता है।

Unboxing Video बनाएँ

मोबाइल, लैपटॉप, गहना या अन्य महँगा उत्पाद खोलते समय बिना रुकावट वीडियो बनाना उपयोगी हो सकता है। वीडियो में sealed package, shipping label और पूरा unboxing दिखाई देना चाहिए।

सुरक्षित भुगतान करें

भुगतान केवल e-commerce मंच के अधिकृत पृष्ठ या ऐप पर करें। seller द्वारा WhatsApp पर भेजे गए व्यक्तिगत UPI या QR Code पर भुगतान करने से बचें।

QR से भुगतान करते समय सुरक्षा समझने के लिए QR Code क्या है और QR Fraud से कैसे बचें पढ़ें।

OTP और UPI PIN साझा न करें

Refund पाने के लिए UPI PIN डालने, screen sharing app स्थापित करने या OTP बताने की आवश्यकता नहीं होती। ऐसी माँग करने वाला व्यक्ति ठग हो सकता है।

UPI का सुरक्षित उपयोग समझने के लिए UPI क्या है और कैसे काम करता है लेख उपयोगी है।

Online Shopping की शिकायत कहाँ करें?

समस्या होने पर पहले e-commerce मंच की customer care और grievance व्यवस्था में शिकायत करें।

शिकायत में निम्न जानकारी रखें:

  • Order Number
  • Invoice
  • भुगतान का प्रमाण
  • Product Listing का screenshot
  • Return या Refund Policy
  • Seller का नाम
  • बातचीत का रिकॉर्ड
  • Delivery और Unboxing का प्रमाण
  • शिकायत संख्या

समाधान न मिलने पर National Consumer Helpline का उपयोग किया जा सकता है। उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार ग्राहक हेल्पलाइन नंबर 1915 या NCH के ऑनलाइन माध्यम से भी जानकारी ले सकता है।

उपभोक्ता विवाद की प्रकृति और राशि के अनुसार आगे उपभोक्ता आयोग की प्रक्रिया उपलब्ध हो सकती है। किसी वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत बैंक को सूचित करें और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Online Shopping New Rules 2026 कब लागू होंगे?

Consumer Protection (E-Commerce) Amendment Rules 2026 के मुख्य प्रावधान 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होंगे।

क्या नियम अभी लागू हो चुके हैं?

अधिसूचना 9 सितंबर 2026 को जारी हो चुकी है, लेकिन नियमों के प्रभावी होने की तारीख 1 जनवरी 2027 है।

Prior Price किसे माना जाएगा?

छूट घोषित होने से पहले के 30 दिनों में उस वस्तु का सबसे कम उपलब्ध मूल्य Prior Price माना जाएगा।

क्या Sponsored Product दिखाना बंद हो जाएगा?

नहीं। Sponsored Product दिखाया जा सकेगा, लेकिन उसे स्पष्ट और प्रमुख रूप से प्रायोजित या विज्ञापन के रूप में पहचानना होगा।

Dark Pattern क्या होता है?

Dark Pattern वेबसाइट या ऐप की ऐसी भ्रामक बनावट है जो ग्राहक को अनचाही खरीदारी, सदस्यता, सहमति या अतिरिक्त भुगतान की ओर धकेलती है।

क्या Return हर Product पर अनिवार्य होगा?

हर वस्तु पर बिना शर्त return का अधिकार स्वतः लागू नहीं होता। लेकिन मंच को return, refund, exchange और उससे जुड़ी लागत की शर्तें खरीदारी से पहले स्पष्ट दिखानी होंगी।

ऑनलाइन खरीदारी की शिकायत कहाँ करें?

पहले e-commerce कंपनी के grievance officer से संपर्क करें। समाधान न मिलने पर National Consumer Helpline और परिस्थितियों के अनुसार उपभोक्ता आयोग की प्रक्रिया का उपयोग किया जा सकता है।

निष्कर्ष

Online Shopping New Rules 2026 ऑनलाइन खरीदारी को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव हैं। वास्तविक पिछली कीमत दिखाना, Sponsored Listing की स्पष्ट पहचान, Search Result में भ्रामक बदलाव रोकना और Dark Pattern का वार्षिक परीक्षण ग्राहकों को बेहतर निर्णय लेने में सहायता कर सकता है।

नए नियम 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होंगे। तब तक e-commerce कंपनियों को अपनी वेबसाइट, ऐप, कीमत का रिकॉर्ड, seller की जानकारी और शिकायत व्यवस्था में आवश्यक बदलाव करने होंगे।

ग्राहकों को भी केवल बड़ी छूट देखकर खरीदारी नहीं करनी चाहिए। कीमत, seller, return policy, warranty और payment page की जाँच करके ही भुगतान करना सुरक्षित रहेगा।

अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी और उपभोक्ता जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह कानूनी सलाह नहीं है। नियमों की व्याख्या, लागू होने की स्थिति और शिकायत प्रक्रिया समय के साथ बदल सकती है। किसी विवाद या कार्रवाई से पहले उपभोक्ता मामलों के विभाग, National Consumer Helpline अथवा योग्य विशेषज्ञ से नवीनतम जानकारी प्राप्त करें। TaraTimes किसी सरकारी संस्था या e-commerce कंपनी से संबद्ध नहीं है।

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