मौसम बदलते ही बुखार, खांसी, गले में दर्द और शरीर टूटने जैसी परेशानियां बढ़ने लगती हैं। कई लोग इसे सामान्य सर्दी-जुकाम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह इन्फ्लुएंजा यानी फ्लू भी हो सकता है। ऐसे में एक सामान्य सवाल उठता है कि Flu Vaccine Kab Lagwani Chahiye और क्या यह टीका हर व्यक्ति के लिए जरूरी होता है?
फ्लू वैक्सीन शरीर को मौसम के दौरान फैलने वाले प्रमुख इन्फ्लुएंजा वायरस से बचाव के लिए तैयार करती है। यह टीका संक्रमण होने की संभावना को कम कर सकता है और संक्रमण हो जाने पर बीमारी की गंभीरता, अस्पताल में भर्ती होने तथा जटिलताओं के खतरे को घटाने में मदद कर सकता है।
हालांकि फ्लू वैक्सीन 100 प्रतिशत सुरक्षा की गारंटी नहीं देती। इसका प्रभाव व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य, प्रतिरोधक क्षमता और उस मौसम में फैलने वाले वायरस से वैक्सीन के मेल पर निर्भर कर सकता है।
फ्लू क्या है?
फ्लू इन्फ्लुएंजा वायरस से होने वाला सांस संबंधी संक्रामक रोग है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने, बोलने या उसके संपर्क में आई वस्तुओं को छूने से फैल सकता है।
फ्लू के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:
- अचानक तेज बुखार
- सूखी खांसी
- गले में दर्द
- सिरदर्द
- मांसपेशियों और शरीर में दर्द
- ज्यादा थकान
- नाक बहना या बंद होना
- बच्चों में कभी-कभी उल्टी या दस्त
हर बुखार फ्लू नहीं होता। बरसात के मौसम में डेंगू जैसी बीमारी भी बुखार का कारण हो सकती है। तेज बुखार, शरीर में दर्द या कमजोरी होने पर हमारे लेख डेंगू के लक्षण और बचाव में दी गई जानकारी पढ़ सकते हैं, लेकिन बीमारी की पुष्टि जांच और डॉक्टर की सलाह से ही करें।
Flu Vaccine Kab Lagwani Chahiye?
फ्लू वैक्सीन सामान्यतः उस समय लगवानी चाहिए जब आपके क्षेत्र में फ्लू का मौसम शुरू होने वाला हो। टीका लगने के बाद शरीर को सुरक्षा विकसित करने में लगभग दो सप्ताह लग सकते हैं। इसलिए संभावित फ्लू मौसम से करीब दो सप्ताह पहले टीका लगवाना उपयोगी हो सकता है।
भारत में फ्लू का फैलाव हर क्षेत्र में एक जैसा नहीं होता। कुछ स्थानों पर बरसात और मानसून के आसपास मामले बढ़ सकते हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में सर्दियों के दौरान संक्रमण ज्यादा दिखाई देता है। इसी कारण पूरे देश के लिए एक ही महीना निर्धारित करना सही नहीं होगा।
अपने शहर के मौसम, स्वास्थ्य स्थिति और उपलब्ध वैक्सीन के आधार पर डॉक्टर से सही समय पूछना सबसे सुरक्षित तरीका है।
क्या फ्लू वैक्सीन हर साल लगवानी पड़ती है?
फ्लू के वायरस समय के साथ बदलते रहते हैं। इसी वजह से वैक्सीन की संरचना को भी नए वायरस के अनुसार समय-समय पर बदला जाता है। इसके अतिरिक्त टीके से बनी सुरक्षा धीरे-धीरे कम हो सकती है।
इसी कारण कई स्वास्थ्य संस्थाएं पात्र लोगों को प्रत्येक फ्लू मौसम में नई वैक्सीन लगवाने की सलाह देती हैं। इसका अर्थ यह है कि पिछले वर्ष फ्लू वैक्सीन लगवाने के बाद भी इस वर्ष डॉक्टर नई वैक्सीन लगाने की सलाह दे सकते हैं।
CDC की फ्लू वैक्सीन संबंधी जानकारी के अनुसार ज्यादातर पात्र लोगों के लिए हर फ्लू मौसम में टीकाकरण की सलाह दी जाती है।
किन लोगों को फ्लू वैक्सीन की ज्यादा जरूरत होती है?
फ्लू किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में इसके कारण निमोनिया, सांस लेने में परेशानी, पुरानी बीमारी का बिगड़ना या अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम अधिक हो सकता है।
1. छोटे बच्चे
छह महीने से अधिक उम्र के बच्चों में डॉक्टर उम्र और पिछली वैक्सीन के आधार पर फ्लू टीका लगाने की सलाह दे सकते हैं। पहली बार टीका लेने वाले कुछ छोटे बच्चों को एक मौसम में दो खुराक की जरूरत पड़ सकती है। दोनों खुराकों के बीच सामान्यतः कम से कम चार सप्ताह का अंतर रखा जाता है।
छह महीने से कम उम्र के बच्चे फ्लू वैक्सीन के लिए बहुत छोटे होते हैं। उन्हें बचाने के लिए परिवार के पात्र सदस्यों और देखभाल करने वालों का टीकाकरण उपयोगी हो सकता है।
भारत में बच्चों की उम्र और स्वास्थ्य के अनुसार सिफारिश अलग हो सकती है। Indian Academy of Pediatrics की वैक्सीन जानकारी देखने के साथ अपने बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
2. गर्भवती महिलाएं
गर्भावस्था के दौरान फ्लू गंभीर रूप ले सकता है। डॉक्टर गर्भवती महिला को उसकी स्थिति और फ्लू मौसम के आधार पर निष्क्रिय फ्लू वैक्सीन लगाने की सलाह दे सकते हैं।
CDC के अनुसार फ्लू का इंजेक्शन गर्भावस्था की किसी भी तिमाही में दिया जा सकता है। हालांकि गर्भावस्था में नाक से दी जाने वाली जीवित वायरस वाली फ्लू वैक्सीन नहीं लेनी चाहिए। वैक्सीन का प्रकार चुनने का निर्णय स्त्री रोग विशेषज्ञ या टीकाकरण करने वाले डॉक्टर से करें।
3. बुजुर्ग व्यक्ति
उम्र बढ़ने के साथ शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है। विशेष रूप से 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों में फ्लू के कारण निमोनिया और अस्पताल में भर्ती होने का खतरा अधिक हो सकता है।
बुजुर्गों को अपनी उम्र, पुरानी बीमारियों और उपलब्ध वैक्सीन के अनुसार डॉक्टर से उचित टीके के बारे में सलाह लेनी चाहिए।
4. पुरानी बीमारी वाले लोग
इन स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों में फ्लू अधिक गंभीर हो सकता है:
- अस्थमा या दूसरी फेफड़ों की बीमारी
- हृदय रोग
- मधुमेह
- किडनी की बीमारी
- पुरानी लिवर संबंधी बीमारी
- कमजोर प्रतिरोधक क्षमता
- कैंसर का इलाज
- लंबे समय से स्टेरॉयड या प्रतिरोधक क्षमता दबाने वाली दवा लेना
लिवर संबंधी समस्या वाले व्यक्ति हमारी जानकारीपूर्ण पोस्ट फैटी लिवर के लक्षण और बचाव भी पढ़ सकते हैं। किसी पुरानी बीमारी की स्थिति में वैक्सीन लगवाने से पहले अपने डॉक्टर को सभी दवाओं और जांच रिपोर्ट की जानकारी दें।
5. स्वास्थ्यकर्मी और देखभाल करने वाले लोग
डॉक्टर, नर्स, अस्पताल कर्मचारी, बुजुर्गों की देखभाल करने वाले और छोटे बच्चों के नियमित संपर्क में रहने वाले लोगों का फ्लू वायरस से सामना अधिक हो सकता है। इन लोगों का टीकाकरण उन्हें और उनके संपर्क में आने वाले संवेदनशील लोगों को सुरक्षा देने में मदद कर सकता है।
फ्लू वैक्सीन लगवाने से पहले क्या बताना चाहिए?
टीका लगवाने से पहले डॉक्टर या टीकाकरण कर्मचारी को निम्न जानकारी जरूर दें:
- पहले किसी वैक्सीन से गंभीर एलर्जी हुई हो
- फ्लू वैक्सीन की पिछली खुराक से गंभीर प्रतिक्रिया हुई हो
- इस समय तेज बुखार या गंभीर बीमारी हो
- पहले गिलियन-बैरे सिंड्रोम जैसी नसों की बीमारी हुई हो
- गर्भावस्था हो या गर्भधारण की योजना हो
- प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो
- कोई गंभीर पुरानी बीमारी हो
- नियमित रूप से खास दवाएं ले रहे हों
- अंडे या वैक्सीन के किसी घटक से गंभीर एलर्जी का इतिहास हो
सिर्फ हल्का सर्दी-जुकाम होना हमेशा टीका टालने का कारण नहीं होता, लेकिन अंतिम फैसला डॉक्टर को करने दें।
किन लोगों को फ्लू वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए?
निम्न स्थितियों में बिना चिकित्सकीय सलाह के फ्लू वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए:
- छह महीने से कम उम्र का बच्चा
- पिछली फ्लू वैक्सीन से जानलेवा एलर्जी
- वैक्सीन के किसी घटक से गंभीर एलर्जी
- तेज बुखार या मध्यम से गंभीर बीमारी
- पिछली फ्लू वैक्सीन के छह सप्ताह के भीतर गिलियन-बैरे सिंड्रोम होने का इतिहास
इन परिस्थितियों का अर्थ यह नहीं है कि व्यक्ति भविष्य में कभी टीका नहीं लगवा सकता। डॉक्टर जोखिम और लाभ का आकलन करके सही वैक्सीन, उचित समय या दूसरा विकल्प बता सकते हैं।
फ्लू वैक्सीन के सामान्य दुष्प्रभाव
फ्लू वैक्सीन लगवाने के बाद कुछ हल्के दुष्प्रभाव हो सकते हैं:
- इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द
- हल्की सूजन या लालिमा
- हल्का बुखार
- सिरदर्द
- थकान
- मांसपेशियों में दर्द
ये दुष्प्रभाव सामान्यतः हल्के होते हैं और एक-दो दिन में ठीक हो सकते हैं। निष्क्रिय फ्लू इंजेक्शन से फ्लू बीमारी नहीं होती, क्योंकि उसमें बीमारी फैलाने वाला सक्रिय वायरस नहीं होता।
यदि सांस लेने में परेशानी, चेहरे या गले में सूजन, तेज चक्कर, पूरे शरीर पर पित्ती या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत आपात चिकित्सा सहायता लें।
क्या वैक्सीन लगने के बाद भी फ्लू हो सकता है?
हां, फ्लू वैक्सीन लगने के बाद भी संक्रमण हो सकता है। इसके कई कारण हो सकते हैं:
- टीका लगने के दो सप्ताह के भीतर संक्रमण हो जाना
- उस समय किसी अलग वायरस से बीमारी होना
- वैक्सीन और फैल रहे वायरस में पूरा मेल न होना
- उम्र या बीमारी के कारण कमजोर प्रतिरोधक प्रतिक्रिया
इसके बावजूद वैक्सीन संक्रमण की गंभीरता और जटिलताओं के जोखिम को कम करने में सहायता कर सकती है। इसलिए वैक्सीन को पूर्ण गारंटी के बजाय सुरक्षा की एक महत्वपूर्ण परत मानना चाहिए।
टीका लगवाने के बाद क्या सावधानी रखें?
- टीका लगवाने के बाद 15 से 30 मिनट वहीं रुकें।
- इंजेक्शन वाली जगह को जोर से न रगड़ें।
- पर्याप्त पानी पिएं और आराम करें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द की दवा न लें।
- टीकाकरण का रिकॉर्ड और अगली खुराक की तारीख सुरक्षित रखें।
- मास्क, हाथों की सफाई और खांसते समय मुंह ढकने जैसी आदतें जारी रखें।
- गंभीर या लंबे समय तक बने रहने वाले लक्षणों पर डॉक्टर से संपर्क करें।
सामान्य सर्दी-जुकाम और फ्लू में अंतर
| लक्षण | सामान्य सर्दी-जुकाम | फ्लू |
|---|---|---|
| शुरुआत | धीरे-धीरे | अक्सर अचानक |
| बुखार | कम या नहीं | अक्सर तेज |
| शरीर में दर्द | हल्का | अधिक हो सकता है |
| थकान | हल्की | ज्यादा |
| खांसी | सामान्य | अक्सर सूखी और तेज |
| जटिलता | सामान्यतः कम | जोखिम वाले लोगों में गंभीर |
सिर्फ लक्षण देखकर निश्चित अंतर करना हमेशा संभव नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर डॉक्टर जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या फ्लू वैक्सीन से फ्लू हो सकता है?
निष्क्रिय फ्लू इंजेक्शन से फ्लू नहीं होता। टीके के बाद हल्का बुखार, दर्द या थकान शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया हो सकती है।
फ्लू वैक्सीन का असर कितने समय में शुरू होता है?
शरीर को पर्याप्त सुरक्षा विकसित करने में सामान्यतः लगभग दो सप्ताह लग सकते हैं।
क्या गर्भावस्था में फ्लू वैक्सीन सुरक्षित है?
गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर निष्क्रिय फ्लू इंजेक्शन लगाने की सलाह दे सकते हैं। गर्भावस्था में नाक से दी जाने वाली जीवित वायरस वाली वैक्सीन नहीं लेनी चाहिए।
क्या बच्चे को हर साल फ्लू वैक्सीन चाहिए?
यह बच्चे की उम्र, स्वास्थ्य, पिछली खुराक और स्थानीय चिकित्सा सलाह पर निर्भर करता है। बाल रोग विशेषज्ञ से बच्चे का टीकाकरण कार्यक्रम बनवाएं।
क्या अंडे से एलर्जी वाले व्यक्ति फ्लू वैक्सीन ले सकते हैं?
कई अंडे से एलर्जी वाले लोग भी उपयुक्त निगरानी और सही वैक्सीन के साथ टीका लगवा सकते हैं। गंभीर एलर्जी का इतिहास होने पर एलर्जी विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
क्या फ्लू वैक्सीन और दूसरी वैक्सीन एक साथ लग सकती हैं?
कुछ टीके एक ही दिन अलग स्थानों पर दिए जा सकते हैं, लेकिन यह उम्र, वैक्सीन के प्रकार और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। डॉक्टर से व्यक्तिगत सलाह लें।
निष्कर्ष
Flu Vaccine Kab Lagwani Chahiye इसका एक ही उत्तर सभी लोगों पर लागू नहीं होता। सही समय आपके क्षेत्र के फ्लू मौसम, उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और उपलब्ध वैक्सीन पर निर्भर करता है। सामान्यतः फ्लू का मौसम शुरू होने से पहले टीका लगवाना उपयोगी माना जाता है, क्योंकि सुरक्षा बनने में लगभग दो सप्ताह लग सकते हैं।
छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, स्वास्थ्यकर्मियों और पुरानी बीमारी वाले लोगों को फ्लू से गंभीर जटिलताओं का खतरा अधिक हो सकता है। इसलिए इंटरनेट पर मिली जानकारी के आधार पर स्वयं फैसला लेने के बजाय डॉक्टर से अपनी जरूरत, सही समय और वैक्सीन के प्रकार की पुष्टि करें।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे डॉक्टर की जांच, निदान, उपचार या व्यक्तिगत टीकाकरण सलाह का विकल्प न मानें। उम्र, गर्भावस्था, एलर्जी, पुरानी बीमारी या दवाओं के अनुसार वैक्सीन संबंधी निर्णय अलग हो सकता है। फ्लू वैक्सीन लगवाने से पहले योग्य डॉक्टर या टीकाकरण केंद्र से सलाह अवश्य लें।


