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UDGAM पोर्टल पर पुराने बैंक खाते का पैसा कैसे खोजें?

UDGAM भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) का पोर्टल है, जहाँ कई बैंकों की बिना दावा की गई जमा रकम एक जगह खोजी जा सकती है। यदि आपके परिवार का कोई पुराना बैंक खाता था, सावधि जमा की रसीद नहीं मिल रही या किसी दिवंगत परिजन के खाते की जानकारी अधूरी है, तो यह खोज उपयोगी हो सकती है।

एक बात शुरू में स्पष्ट कर लें: UDGAM पर रकम खोजी जाती है; रकम पाने का दावा संबंधित बैंक में करना होता है। पोर्टल स्वयं पैसे का भुगतान नहीं करता। RBI ने यह बात अपने UDGAM के आधिकारिक प्रश्नोत्तर में स्पष्ट की है।

बिना दावा की गई बैंक जमा रकम क्या होती है?

कभी खाता खुलवाने के बाद उसका उपयोग बंद हो जाता है। परिवार को सावधि जमा की जानकारी नहीं होती, पता बदल जाता है या खाताधारक के निधन के बाद उत्तराधिकारियों को पुराने कागज़ नहीं मिलते। ऐसे कारणों से कुछ रकम लंबे समय तक बिना दावे के रह सकती है।

सरकारी जानकारी के अनुसार, बैंक की जमा रकम दस वर्ष या उससे अधिक समय तक बिना दावा की रहे तो उसे RBI के Depositor Education and Awareness Fund में स्थानांतरित किया जाता है। इससे ग्राहक या उसके कानूनी उत्तराधिकारी का रकम पर दावा करने का अधिकार समाप्त नहीं होता।

UDGAM पोर्टल पर खोज कैसे करें?

  1. RBI के आधिकारिक UDGAM पोर्टल पर जाएँ। पता स्वयं जाँचें; किसी अनजान संदेश से मिले मिलते-जुलते लिंक पर अपनी जानकारी न भरें।
  2. पोर्टल पर अपना नाम और मोबाइल नंबर देकर पंजीकरण करें।
  3. व्यक्तिगत खाते की खोज के लिए खाताधारक का नाम और एक या अधिक बैंक चुनें।
  4. उपलब्ध हो तो खाताधारक की जन्मतिथि, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र या पासपोर्ट से जुड़ी माँगी गई जानकारी भरें।
  5. यदि ये अतिरिक्त विवरण उपलब्ध नहीं हैं, तो RBI के अनुसार खाताधारक का पता देकर भी खोज की जा सकती है।
  6. परिणाम मिलने पर बैंक का नाम और दावा प्रक्रिया की जानकारी ध्यान से पढ़ें। उसका विवरण सुरक्षित रखें और आगे की कार्रवाई के लिए उसी बैंक से संपर्क करें।

RBI के अनुसार, पोर्टल कई बैंकों में एक साथ खोजने में मदद करता है। उसकी आधिकारिक जानकारी में खोज के लिए आवश्यक विवरण और बैंक में दावा करने का अंतर बताया गया है।

खोज में परिणाम मिल जाए तो पैसे कैसे मिलेंगे?

परिणाम मिलना और पैसे मिलने की मंजूरी होना एक ही बात नहीं है। परिणाम में बताए गए संबंधित बैंक की दावा प्रक्रिया देखें। बैंक खाताधारक की पहचान और खाते से संबंध की जाँच करेगा। यदि दावा किसी दिवंगत व्यक्ति की रकम पर है, तो बैंक नामित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारी से मामले के अनुसार कागज़ माँग सकता है।

पुरानी पासबुक, जमा रसीद, पहचान पत्र और खाते से जुड़े अन्य उपलब्ध कागज़ साथ रखें। कौन-से दस्तावेज पर्याप्त होंगे, यह अनुमान लगाने के बजाय बैंक की आधिकारिक सूची देखें। यदि आपके पास सभी पुराने कागज़ नहीं हैं, तब भी बैंक से पूछें कि पहचान और दावा सत्यापित करने का कौन-सा तरीका उपलब्ध है।

RBI के अनुसार UDGAM खोज परिणाम में संबंधित बैंक की दावा प्रक्रिया की जानकारी देता है, जबकि दावा बैंक में किया जाता है।

परिणाम न मिले तो क्या पैसे नहीं हैं?

जरूरी नहीं। पुरानी जानकारी अलग नाम, पुराने पते या किसी दूसरे बैंक से जुड़ी हो सकती है। RBI के उपलब्ध प्रश्नोत्तर में भी बताया गया है कि UDGAM में सभी बैंक शामिल नहीं थे; इसलिए केवल पोर्टल पर परिणाम न मिलने से अंतिम निष्कर्ष न निकालें। पहले पुराने कागज़ देखें, नाम की लिखावट और पता जाँचें तथा जरूरत होने पर संबंधित बैंक से सीधे पूछें।

UDGAM विशेष रूप से बिना दावा की गई बैंक जमा रकम खोजने का साधन है। बीमा, म्यूचुअल फंड या शेयरों की बिना दावा रकम के लिए अलग व्यवस्थाएँ हैं। अपने नियमित निवेश समझने के लिए हमारा SIP क्या है लेख पढ़ सकते हैं; SIP और पुरानी बैंक जमा रकम अलग विषय हैं।

धोखाधड़ी से कैसे बचें?

पुराने पैसे मिलने की उम्मीद में जल्दबाजी न करें। कोई व्यक्ति फोन करके “RBI से रकम निकलवाने” के नाम पर ओटीपी, बैंक पिन या अग्रिम भुगतान माँगे तो जानकारी साझा न करें। UDGAM का पता खुद खोलें और दावा केवल संबंधित बैंक के आधिकारिक माध्यम से आगे बढ़ाएँ।

यदि आपने किसी फर्जी लिंक पर बैंक जानकारी दे दी है या खाते से पैसा कट गया है, तो तुरंत बैंक को बताएँ और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल या 1930 का उपयोग करें। ऑनलाइन ठगी के तरीके हमारे Cyber Fraud क्या है लेख में भी समझाए गए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या UDGAM सीधे पैसे खाते में भेजता है?

नहीं। यह रकम खोजने में मदद करता है। दावा और उसका निपटारा संबंधित बैंक करता है।

क्या पुराने खाते के सभी दस्तावेज होना जरूरी है?

दावे के लिए कौन-से दस्तावेज चाहिए, यह संबंधित बैंक से जाँचें। खोज करते समय उपलब्ध पहचान विवरण या पता मदद कर सकता है।

क्या दिवंगत खाताधारक की रकम खोजी जा सकती है?

खाताधारक के उपलब्ध विवरण से खोज की जा सकती है। रकम पर दावा करने के लिए नामित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारी को संबंधित बैंक की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

क्या दस वर्ष बाद पैसे पर अधिकार खत्म हो जाता है?

नहीं। सरकारी जानकारी के अनुसार, जमा रकम को निर्धारित निधि में स्थानांतरित किए जाने के बाद भी ग्राहक या उसके कानूनी उत्तराधिकारी दावा कर सकते हैं।

निष्कर्ष

UDGAM पुराने बैंक खाते या बिना दावा की गई जमा रकम का पता लगाने के लिए उपयोगी शुरुआती जगह है। पहले पोर्टल पर खोजें, फिर परिणाम में बताए गए बैंक की आधिकारिक दावा प्रक्रिया अपनाएँ। परिवार के पुराने बैंक कागज़ व्यवस्थित रखना और खातों में संपर्क तथा नामांकन विवरण सही रखना भविष्य में ऐसी परेशानी कम कर सकता है।

अस्वीकरण: यह लेख सामान्य वित्तीय जानकारी के लिए है। खोज परिणाम से रकम पर दावा अपने आप स्वीकृत नहीं होता। पहचान, उत्तराधिकार, दस्तावेज और भुगतान से जुड़ा अंतिम निर्णय संबंधित बैंक की लागू प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। कार्रवाई से पहले RBI पोर्टल और बैंक की नवीनतम आधिकारिक जानकारी जाँचें।

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