ऑनलाइन ठगी में कई बार पैसा भेजने के बाद पता चलता है कि सामने वाला व्यक्ति धोखेबाज था। ऐसे मामलों में सबसे उपयोगी सुरक्षा वह है जो पैसा जाने से पहले जोखिम पहचान सके। इसी उद्देश्य से दूरसंचार विभाग ने Financial Fraud Risk Indicator, यानी FRI, बनाया है। यह बैंकों और भुगतान सेवाओं को किसी मोबाइल नंबर से जुड़े संभावित वित्तीय धोखाधड़ी के जोखिम का संकेत देता है। www.pib.gov.in
सरकार ने 8 सितंबर 2026 को बताया कि मई 2025 में शुरू हुई इस व्यवस्था की मदद से अगस्त 2026 तक ₹5,043.73 करोड़ का संदिग्ध धोखाधड़ी वाला नुकसान होने से रोका गया। यह आँकड़ा संभावित नुकसान रोकने का है; इसका अर्थ यह नहीं है कि ठगी के बाद इतनी राशि पीड़ितों को वापस दिलाई गई। सरकार की विज्ञप्ति यहाँ पढ़ें। www.pib.gov.in
Financial Fraud Risk Indicator क्या है?
FRI एक जोखिम संकेतक है। यह मोबाइल नंबर से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के आधार पर बताता है कि उस नंबर के वित्तीय धोखाधड़ी में इस्तेमाल होने की आशंका कितनी है। दूरसंचार विभाग की व्यवस्था नंबरों को मध्यम, अधिक और बहुत अधिक जोखिम वाली श्रेणियों में रखती है। यह संकेत संबंधित वित्तीय संस्थाओं तक पहुँचाया जाता है, ताकि वे अपने सुरक्षा उपायों में उसका उपयोग कर सकें। www.pib.gov.in
जोखिम का संकेत मिलना किसी व्यक्ति के अपराधी होने का प्रमाण नहीं है। इसी तरह, कोई चेतावनी न दिखने से भुगतान पूरी तरह सुरक्षित होने की गारंटी भी नहीं मिलती।
यह व्यवस्था कैसे काम करती है?
मान लीजिए आपको किसी अनजान व्यक्ति का फोन आता है। वह खुद को बैंक कर्मचारी बताकर कहता है कि खाता बंद होने से बचाने के लिए तुरंत भुगतान करें। आप भुगतान शुरू करते हैं। यदि उससे जुड़े मोबाइल नंबर के बारे में पहले से संदिग्ध संकेत उपलब्ध हैं, तो भुगतान सेवा उस जोखिम को अपने सुरक्षा उपायों के साथ जाँच सकती है।
सरकार के अनुसार, जोखिम की जानकारी कई जगहों से आ सकती है। इनमें संचार साथी पर नागरिकों की रिपोर्ट, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल से मिले संकेत तथा दूरसंचार और वित्तीय संस्थाओं की जानकारी शामिल है। संस्थाएँ इस जानकारी का उपयोग संदिग्ध लेनदेन की पहचान के लिए कर सकती हैं। हर बैंक या ऐप किस स्थिति में चेतावनी दिखाएगा या भुगतान पर क्या कार्रवाई करेगा, यह उसकी अपनी व्यवस्था पर निर्भर करता है। www.pib.gov.in
आम लोगों को इसका क्या लाभ है?
सबसे बड़ा लाभ है ठगी होने से पहले सावधान होने का अवसर। संदिग्ध भुगतान रुक जाए या व्यक्ति चेतावनी देखकर दोबारा जाँच कर ले, तो बाद में शिकायत और पैसा वापस पाने की कठिन प्रक्रिया से बचा जा सकता है।
यह व्यवस्था खास तौर पर उन स्थितियों में उपयोगी हो सकती है जहाँ ठग फोन या संदेश के जरिए जल्दबाजी कराते हैं—जैसे फर्जी केवाईसी अपडेट, नौकरी के नाम पर शुल्क, नकली ग्राहक सेवा नंबर या किसी परिचित के नाम से पैसे माँगना।
लेकिन FRI आपकी अपनी सावधानी की जगह नहीं ले सकता। पैसे भेजने से पहले पाने वाले का नाम, भुगतान का कारण और संपर्क का असली स्रोत जाँचें। किसी के कहने पर ओटीपी या भुगतान पिन न बताएँ। ऑनलाइन ठगी के सामान्य तरीकों को समझने के लिए हमारा लेख Cyber Fraud क्या है? भी पढ़ सकते हैं।
क्या FRI के लिए आवेदन या शुल्क देना पड़ता है?
नहीं। FRI कोई व्यक्तिगत सदस्यता, मोबाइल ऐप में चालू करने वाली सुविधा या आम नागरिक के लिए आवेदन योजना नहीं है। यह संबंधित संस्थाओं को जोखिम की जानकारी देने की व्यवस्था है। यदि कोई कॉल करके कहे कि “FRI सुरक्षा चालू करने” के लिए शुल्क, ओटीपी या बैंक विवरण चाहिए, तो उसे संदिग्ध मानें।
संदिग्ध कॉल आए या पैसे चले जाएँ तो क्या करें?
यदि केवल संदिग्ध कॉल, एसएमएस या व्हाट्सऐप संदेश आया है, तो उसका विवरण संचार साथी की चक्षु सुविधा पर दे सकते हैं। रिपोर्ट करने से पहले संदेश, नंबर और समय जैसी जानकारी सुरक्षित रख लें।
यदि पैसे कट चुके हैं, तो तुरंत अपने बैंक या भुगतान सेवा से संपर्क करें। इसके साथ 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। संदिग्ध संदेश की सूचना देने वाली चक्षु सुविधा, पैसे के नुकसान की साइबर अपराध शिकायत का विकल्प नहीं है। sancharsaathi.gov.in
ठगी से बचने के लिए अपने खातों के अलग और मजबूत पासवर्ड रखना भी उपयोगी है। इस विषय पर हमारा लेख Password Manager क्या है? पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या FRI हर ऑनलाइन ठगी रोक देता है?
नहीं। यह जोखिम पहचानने में मदद करने वाला एक संकेतक है। किसी भी भुगतान की पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं देता।
क्या मैं अपना FRI जोखिम स्तर खुद देख सकता हूँ?
सरकारी विवरण में FRI को संस्थाओं के बीच जोखिम संबंधी जानकारी साझा करने की व्यवस्था बताया गया है। आम नागरिक के लिए अपना जोखिम स्तर देखने की किसी सुविधा का दावा इस लेख में नहीं किया जा रहा है। sancharsaathi.gov.in
क्या संदिग्ध संदेश मिलने पर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए?
संदिग्ध कॉल या संदेश की सूचना चक्षु पर दी जा सकती है। यदि वित्तीय ठगी हो चुकी है, तो तुरंत 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल का उपयोग करें। sancharsaathi.gov.in
क्या FRI चालू करने के लिए बैंक विवरण देना होगा?
नहीं। ऐसा कहकर विवरण, ओटीपी या पैसे माँगने वाले व्यक्ति पर भरोसा न करें।
अस्वीकरण: यह लेख 25 सितंबर 2026 तक उपलब्ध सरकारी जानकारी के आधार पर सामान्य जागरूकता के लिए लिखा गया है। जोखिम संकेत मिलने पर किसी संस्था की कार्रवाई और शिकायत का परिणाम मामले के अनुसार बदल सकता है। वित्तीय नुकसान होने पर अपने बैंक और आधिकारिक साइबर अपराध माध्यम से तुरंत संपर्क करें।


