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Income Tax Refund Status 2026: रिफंड की स्थिति कैसे जांचें और देरी होने पर क्या करें?

Income Tax Refund Status 2026 आयकर विभाग के आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल पर ऑनलाइन जांचा जा सकता है। यदि आपके वेतन या दूसरी आय से देय कर से अधिक TDS या अग्रिम कर जमा हुआ है, तो आयकर विवरणी की जांच पूरी होने के बाद अतिरिक्त राशि रिफंड के रूप में बैंक खाते में भेजी जा सकती है।

कई करदाताओं की विवरणी जमा होने के बावजूद रिफंड देर से आता है। इसका कारण विवरणी का सत्यापन पूरा न होना, बैंक खाते की जानकारी में गलती, PAN और बैंक खाते के नाम में अंतर अथवा आयकर विभाग द्वारा अतिरिक्त जांच हो सकता है।

इस लेख में रिफंड की स्थिति जांचने, बैंक खाता सत्यापित करने और असफल रिफंड के लिए Refund Reissue Request भेजने की पूरी प्रक्रिया आसान भाषा में बताई गई है।

आयकर रिफंड क्या होता है?

जब किसी वित्त वर्ष में आपके नाम से जमा कर आपकी वास्तविक कर देनदारी से अधिक होता है, तो अतिरिक्त राशि वापस मिल सकती है। इसी राशि को आयकर रिफंड कहा जाता है।

अधिक कर जमा होने के सामान्य कारण हैं:

  • वेतन से अधिक TDS कट जाना।
  • बैंक की ब्याज आय से अधिक TDS कटना।
  • अग्रिम कर अधिक जमा करना।
  • स्व-मूल्यांकन कर अधिक भरना।
  • निवेश अथवा कटौती की जानकारी नियोक्ता को समय पर न देना।
  • एक ही आय पर गलती से दो बार कर जमा होना।

रिफंड का दावा करने के लिए सही आयकर विवरणी भरना और उसे निर्धारित तरीके से सत्यापित करना आवश्यक है।

Income Tax Refund Status 2026 कैसे जांचें?

रिफंड की स्थिति जांचने के लिए केवल आयकर विभाग के आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करें।

चरण 1: आधिकारिक पोर्टल खोलें

अपने ब्राउज़र में यह पता स्वयं लिखकर खोलें:

https://www.incometax.gov.in/

ईमेल या संदेश में आए अनजान लिंक से पोर्टल न खोलें।

चरण 2: अपने खाते में प्रवेश करें

अपना PAN उपयोगकर्ता नाम के रूप में दर्ज करें। इसके बाद पासवर्ड और मांगी गई सुरक्षा जानकारी भरें।

सार्वजनिक कंप्यूटर या अनजान Wi-Fi से आयकर खाते में प्रवेश करने से बचें।

चरण 3: भरी गई विवरणी खोलें

खाते में प्रवेश करने के बाद:

e-File → Income Tax Returns → View Filed Returns

वह निर्धारण वर्ष चुनें जिसके लिए रिफंड देखना है।

चरण 4: विवरण देखें

संबंधित विवरणी के सामने View Details विकल्प चुनें। यहां विवरणी के सत्यापन, प्रसंस्करण और रिफंड की वर्तमान स्थिति दिखाई दे सकती है।

रिफंड की अलग-अलग स्थितियों का क्या मतलब है?

पोर्टल पर दिखाई देने वाले संदेश को समझना जरूरी है।

Successfully e-Verified

इसका अर्थ है कि विवरणी का सत्यापन पूरा हो गया है, लेकिन विभाग ने अभी प्रसंस्करण पूरा नहीं किया है।

Processing

विभाग विवरणी में दी गई आय, TDS, कर भुगतान और दूसरी जानकारी की जांच कर रहा है।

Processed with Refund Due

विवरणी का प्रसंस्करण पूरा हो गया है और विभाग ने रिफंड देय माना है।

Refund Issued

रिफंड विभाग की ओर से जारी किया जा चुका है। बैंक में राशि दिखाई देने में भुगतान व्यवस्था के अनुसार कुछ समय लग सकता है।

Refund Failed

रिफंड भेजने का प्रयास असफल रहा। इसका कारण गलत बैंक विवरण, बंद खाता, गलत IFSC अथवा बैंक खाते का सत्यापन पूरा न होना हो सकता है।

No Demand No Refund

विवरणी की जांच के अनुसार न अतिरिक्त कर देना है और न रिफंड प्राप्त होना है।

Demand Determined

विभाग के अनुसार कुछ अतिरिक्त कर देय हो सकता है। ऐसी स्थिति में सूचना को ध्यान से पढ़ें और जरूरत होने पर कर विशेषज्ञ की सहायता लें।

ITR सत्यापित करना क्यों जरूरी है?

केवल विवरणी जमा करना पर्याप्त नहीं है। इसे निर्धारित अवधि में इलेक्ट्रॉनिक रूप से सत्यापित करना भी जरूरी है।

सत्यापन के उपलब्ध माध्यमों में शामिल हो सकते हैं:

  • आधार से प्राप्त OTP।
  • सत्यापित बैंक खाते से EVC।
  • डीमैट खाते से EVC।
  • नेट बैंकिंग।
  • बैंक एटीएम से EVC, जहां सुविधा उपलब्ध हो।
  • डिजिटल हस्ताक्षर, जहां लागू हो।

यदि विवरणी सत्यापित नहीं हुई है, तो उसका प्रसंस्करण और रिफंड रुक सकता है।

रिफंड में देरी होने के प्रमुख कारण

1. विवरणी सत्यापित नहीं हुई

ITR भरने के बाद e-Verification पूरा न होने पर विवरणी आगे नहीं बढ़ सकती।

2. विवरणी अभी Process नहीं हुई

विभाग को आय, TDS, कर भुगतान और दूसरी जानकारी का मिलान करने में समय लग सकता है।

3. PAN और बैंक खाते के नाम में अंतर

बैंक खाते में लिखा नाम PAN के नाम से नहीं मिलने पर बैंक सत्यापन असफल हो सकता है।

4. बैंक खाता सत्यापित नहीं है

रिफंड के लिए चुना गया खाता ई-फाइलिंग पोर्टल पर Pre-Validated होना चाहिए।

5. गलत IFSC या खाता संख्या

बैंक विलय, शाखा बदलने या जानकारी भरने में गलती के कारण IFSC अमान्य हो सकता है।

6. बैंक खाता बंद हो चुका है

यदि विवरणी में दिया गया बैंक खाता बंद हो गया है, तो रिफंड जमा नहीं होगा।

7. TDS की जानकारी मेल नहीं खाती

विवरणी में दर्ज TDS और विभाग के रिकॉर्ड में अंतर होने पर अतिरिक्त जांच हो सकती है।

8. बकाया कर मांग

पिछले वर्ष की कर मांग लंबित होने पर रिफंड का समायोजन किया जा सकता है। इससे संबंधित सूचना खाते और पंजीकृत ईमेल पर मिल सकती है।

9. अतिरिक्त जांच

कुछ विवरणियों में विभाग स्वतः अतिरिक्त मिलान या जांच कर सकता है। ऐसी स्थिति में प्रसंस्करण का समय बढ़ सकता है।

बैंक खाता Pre-Validate कैसे करें?

रिफंड प्राप्त करने के लिए सक्रिय और सही बैंक खाता जोड़ना जरूरी है।

आयकर पोर्टल में प्रवेश करने के बाद:

My Profile → My Bank Account

इसके बाद:

  1. पहले से जुड़े बैंक खाते की स्थिति देखें।
  2. खाता असफल दिखे तो Re-Validate चुनें।
  3. नया खाता जोड़ना हो तो Add Bank Account चुनें।
  4. बैंक का नाम, खाता संख्या, खाता प्रकार और IFSC भरें।
  5. जानकारी की जांच करके सत्यापन अनुरोध भेजें।
  6. सफल सत्यापन के बाद खाते को रिफंड के लिए नामित करें।

आयकर विभाग सत्यापन की स्थिति पंजीकृत मोबाइल नंबर और ईमेल पर भेज सकता है।

Nominate for Refund का क्या अर्थ है?

एक से अधिक सत्यापित बैंक खाते जुड़े होने पर उस खाते को चुनना होता है जिसमें रिफंड प्राप्त करना चाहते हैं।

My Bank Account भाग में सही खाते के सामने:

Nominate for Refund

विकल्प चालू करें और पुष्टि करें।

केवल बैंक खाता जोड़ना पर्याप्त नहीं हो सकता। खाते का सत्यापन सफल होना और उसे रिफंड के लिए नामित करना जरूरी है।

Refund Failed होने पर क्या करें?

यदि स्थिति में Refund Failed दिखाई दे, तो पहले बैंक खाते की समस्या ठीक करें। इसके बाद Refund Reissue Request भेजें।

Refund Reissue की प्रक्रिया

  1. आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल में प्रवेश करें।
  2. Services विकल्प खोलें।
  3. Refund Reissue चुनें।
  4. Create Refund Reissue Request पर जाएं।
  5. संबंधित निर्धारण वर्ष और असफल रिफंड चुनें।
  6. सत्यापित बैंक खाता चुनें।
  7. अनुरोध को EVC अथवा उपलब्ध तरीके से सत्यापित करें।
  8. प्राप्त लेनदेन संख्या सुरक्षित रखें।

यदि खाता सत्यापित नहीं है, तो पहले उसे Pre-Validate करना होगा।

रिफंड दोबारा जारी करने का अनुरोध कब करें?

Refund Reissue Request केवल तब उपयोगी है जब रिफंड पहले जारी हुआ हो लेकिन बैंक में जमा न हो सका हो।

इन स्थितियों में इसकी जरूरत पड़ सकती है:

  • गलत खाता संख्या।
  • गलत या पुराना IFSC।
  • बंद बैंक खाता।
  • बैंक खाते के नाम और PAN में अंतर।
  • बैंक खाता सत्यापित न होना।
  • रिफंड भुगतान वापस लौट जाना।

यदि विवरणी का प्रसंस्करण अभी पूरा नहीं हुआ है, तो Refund Reissue Request उपलब्ध नहीं हो सकता।

रिफंड आने में कितना समय लगता है?

रिफंड के लिए सभी मामलों पर लागू कोई निश्चित दिन संख्या मान लेना उचित नहीं है। समय इन बातों पर निर्भर कर सकता है:

  • विवरणी सत्यापन की तारीख।
  • विवरणी का प्रकार।
  • TDS और आय के मिलान की स्थिति।
  • बैंक खाते का सत्यापन।
  • विभाग द्वारा अतिरिक्त जांच।
  • पुरानी कर मांग।
  • संशोधित विवरणी या सुधार अनुरोध।

यदि लंबे समय तक विवरणी की स्थिति नहीं बदलती, तो पोर्टल पर सूचना और लंबित कार्य जांचें।

रिफंड कम मिले तो क्या करें?

यदि दावा की गई राशि से कम रिफंड मिला है, तो आयकर विभाग द्वारा जारी सूचना देखें। उसमें विभाग की गणना और आपके द्वारा भरी गई जानकारी का अंतर दिखाया जा सकता है।

इन बातों की जांच करें:

  • Form 26AS में TDS।
  • Annual Information Statement में आय।
  • विवरणी में दर्ज बैंक ब्याज।
  • अग्रिम और स्व-मूल्यांकन कर।
  • कटौती का दावा।
  • पिछली कर मांग का समायोजन।
  • गणना में हुई गलती।

यदि विभाग की गणना में स्पष्ट गलती दिखाई दे, तो पात्रता के अनुसार सुधार अनुरोध किया जा सकता है। जटिल मामले में चार्टर्ड अकाउंटेंट या योग्य कर विशेषज्ञ की सलाह लें।

आयकर रिफंड से जुड़े धोखे से कैसे बचें?

रिफंड के समय नकली संदेश, ईमेल और फोन कॉल बढ़ सकते हैं। धोखेबाज अतिरिक्त रिफंड का लालच देकर बैंक जानकारी, पासवर्ड या OTP मांग सकते हैं।

सुरक्षा के लिए:

  • केवल आधिकारिक पोर्टल खोलें।
  • ईमेल में मिले संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
  • OTP, पासवर्ड या कार्ड गोपनीय अंक साझा न करें।
  • स्क्रीन साझा करने वाला अनुप्रयोग स्थापित न करें।
  • अनजान व्यक्ति को दूरस्थ पहुंच न दें।
  • रिफंड पाने के लिए किसी निजी खाते में शुल्क न भेजें।
  • वेबसाइट का पता ध्यान से जांचें।
  • पोर्टल और ईमेल के लिए अलग मजबूत पासवर्ड रखें।

पासवर्ड सुरक्षित रखने की जानकारी:

https://taratimes.com/password-manager-kya-hai/

मोबाइल नंबर और ईमेल सही रखना क्यों जरूरी है?

आयकर विभाग विवरणी, सत्यापन, सूचना और रिफंड से जुड़ी जानकारी पंजीकृत मोबाइल नंबर तथा ईमेल पर भेज सकता है।

यदि मोबाइल नंबर या ईमेल बदल गया है, तो प्रोफाइल में सही जानकारी अपडेट करें। गलत संपर्क जानकारी के कारण महत्वपूर्ण सूचना छूट सकती है।

रिफंड मिलने के बाद क्या जांचें?

बैंक खाते में रिफंड आने के बाद:

  • प्राप्त राशि की तुलना विभाग की सूचना से करें।
  • बैंक विवरण सुरक्षित रखें।
  • रिफंड पर ब्याज मिला हो तो उसे रिकॉर्ड में रखें।
  • आयकर विभाग की प्रसंस्करण सूचना डाउनलोड करें।
  • अगले वर्ष के लिए TDS और निवेश का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखें।

निवेश संबंधी शुरुआती जानकारी के लिए:

https://taratimes.com/sip-kya-hai-kaise-shuru-kare/

सामान्य गलतियां जिनसे बचना चाहिए

  • ITR भरने के बाद सत्यापन भूल जाना।
  • बंद बैंक खाता देना।
  • गलत IFSC भरना।
  • असत्यापित खाता चुनना।
  • PAN और बैंक में अलग नाम होना।
  • नकली रिफंड संदेश पर विश्वास करना।
  • विभाग की सूचना पढ़े बिना सुधार अनुरोध करना।
  • रिफंड के लिए OTP किसी व्यक्ति को देना।
  • बार-बार अनावश्यक Reissue Request भेजना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आयकर रिफंड की स्थिति कहां जांचें?

आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल पर View Filed Returns भाग में विवरणी और रिफंड की स्थिति देखी जा सकती है।

ITR भरने के बाद रिफंड क्यों नहीं आया?

विवरणी का सत्यापन या प्रसंस्करण लंबित हो सकता है। बैंक खाता सत्यापन, TDS में अंतर और पुरानी कर मांग भी कारण हो सकते हैं।

Refund Failed का क्या अर्थ है?

विभाग ने रिफंड जारी किया, लेकिन बैंक खाते में भुगतान सफल नहीं हुआ। बैंक विवरण सही करके Refund Reissue Request भेजना पड़ सकता है।

क्या रिफंड के लिए बैंक खाता सत्यापित होना जरूरी है?

हां। आयकर विभाग के मार्गदर्शन के अनुसार बैंक खाते का Pre-Validation जरूरी है।

Refund Reissue Request कैसे भेजें?

आयकर पोर्टल में Services → Refund Reissue → Create Refund Reissue Request विकल्प का उपयोग करें।

क्या आयकर विभाग फोन पर OTP मांगता है?

अपना OTP, पासवर्ड, बैंक गोपनीय अंक या कार्ड विवरण किसी फोन करने वाले व्यक्ति से साझा न करें।

निष्कर्ष

Income Tax Refund Status 2026 जांचने के लिए आयकर विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर प्रवेश करके View Filed Returns भाग खोलें। यदि रिफंड असफल हो गया है, तो पहले बैंक खाता सही और सत्यापित करें तथा उसके बाद Refund Reissue Request भेजें।

रिफंड में देरी होने पर घबराने के बजाय विवरणी का सत्यापन, प्रसंस्करण स्थिति, बैंक खाता और विभाग द्वारा भेजी गई सूचना जांचें। किसी संदिग्ध संदेश या नकली रिफंड लिंक पर अपनी वित्तीय जानकारी दर्ज न करें।

आधिकारिक बाहरी स्रोत

आयकर विभाग का बैंक खाता मार्गदर्शन:

https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/help/my-bank-account

रिफंड दोबारा जारी कराने का मार्गदर्शन:

https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/help/how-to-raise-e-filing-service-requests

रिफंड स्थिति मार्गदर्शन:

https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/help/refund_status_user_manual

अस्वीकरण

यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। आयकर नियम, पोर्टल विकल्प और प्रक्रियाएं समय के साथ बदल सकती हैं। कोई कर निर्णय लेने या सुधार अनुरोध भेजने से पहले आयकर विभाग की वर्तमान जानकारी जांचें। जटिल मामले में योग्य कर विशेषज्ञ से सलाह लें। TaraTimes आयकर विभाग से संबद्ध नहीं है और किसी निश्चित समय में रिफंड दिलाने की गारंटी नहीं देता।

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