देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए PM Vishwakarma Yojana 2026 एक महत्वपूर्ण सरकारी योजना है। 17 सितंबर 2026 को इस योजना के तीन वर्ष पूरे होने जा रहे हैं।
योजना की तीसरी वर्षगांठ से ठीक पहले सरकार ने इसके नए आंकड़े जारी किए हैं। 15 सितंबर 2026 तक 24.37 लाख से अधिक कारीगर बुनियादी कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं और 18.16 लाख से अधिक लाभार्थियों को Toolkit मिल चुकी है। योजना का 30 लाख लाभार्थियों के पंजीकरण का लक्ष्य भी हासिल हो चुका है।
इस योजना में पात्र कारीगरों को प्रशिक्षण, ₹15,000 तक Toolkit सहायता, बिना गारंटी ₹3 लाख तक कारोबार ऋण, Digital Transaction प्रोत्साहन और अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में सहायता दी जाती है।
PM Vishwakarma Yojana क्या है?
PM Vishwakarma Yojana की शुरुआत 17 सितंबर 2023 को हुई थी।
यह उन पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए बनाई गई है जो मुख्य रूप से अपने हाथों और औजारों से काम करते हैं।
यह एक Central Sector Scheme है और वित्त वर्ष 2023-24 से 2027-28 तक इसके लिए ₹13,000 करोड़ का प्रावधान है। योजना में 18 पारंपरिक व्यवसाय शामिल हैं।
इसका उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि कारीगरों को नई तकनीक, बेहतर औजार, प्रशिक्षण, सस्ता ऋण और बड़ा बाजार उपलब्ध कराने में मदद करना है।
PM Vishwakarma Yojana 2026 की वर्तमान स्थिति
16 सितंबर 2026 को जारी सरकारी जानकारी के अनुसार योजना के 30 लाख पंजीकरण का लक्ष्य हासिल हो चुका है।
15 सितंबर 2026 तक:
- 24.37 लाख से अधिक कारीगरों को Basic Skill Training मिल चुकी है।
- 18.16 लाख से अधिक लाभार्थियों को Toolkit मिल चुकी है।
- 6.19 लाख से अधिक Loans मंजूर किए गए हैं।
- मंजूर Loans की कुल राशि लगभग ₹5,316 करोड़ है।
ये आंकड़े योजना के लगभग तीन वर्ष पूरे होने के समय जारी किए गए हैं।
किन कारीगरों को PM Vishwakarma का लाभ मिलता है?
PM Vishwakarma में 18 पारंपरिक व्यवसाय शामिल हैं।
इनमें बढ़ई, नाव बनाने वाले, लोहार/धातु से जुड़े कारीगर, ताला बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार/पत्थर कारीगर, मोची, राजमिस्त्री, टोकरी-चटाई-झाड़ू बनाने वाले, पारंपरिक खिलौना निर्माता, नाई, माला बनाने वाले, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले सहित अधिसूचित पारंपरिक व्यवसाय शामिल हैं।
आवेदन से पहले अपने व्यवसाय की वर्तमान पात्रता official portal/CSC से जरूर जांचें।
₹15,000 Toolkit सहायता कैसे मिलती है?
योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को आधुनिक औजार खरीदने के लिए ₹15,000 तक Toolkit सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
इसका उद्देश्य कारीगरों को बेहतर औजार उपलब्ध कराना है ताकि वे अपने काम की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ा सकें।
15 सितंबर 2026 तक 18.16 लाख से अधिक लाभार्थियों को Toolkits मिल चुकी थीं।
Training के दौरान ₹500 प्रतिदिन भी मिलते हैं
PM Vishwakarma में Skill Training भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Basic Training सामान्य रूप से 5 से 7 दिन की होती है, जबकि Advanced Training 15 दिन या उससे अधिक हो सकती है।
Training के दौरान लाभार्थी को ₹500 प्रतिदिन का Stipend मिलता है।
Training में केवल पारंपरिक काम ही नहीं बल्कि आधुनिक औजार, बेहतर कार्य पद्धति, Digital Transaction, Marketing और कारोबार से संबंधित जानकारी भी शामिल की जाती है।
₹3 लाख तक बिना गारंटी Loan कैसे मिलता है?
योजना में पात्र लाभार्थियों के लिए ₹3 लाख तक Collateral-Free Enterprise Development Loan का प्रावधान है।
यह Loan दो चरणों में दिया जाता है:
पहला Loan: ₹1 लाख तक
अवधि: 18 महीने तक
दूसरा Loan: ₹2 लाख तक
अवधि: 30 महीने तक
Loan की रियायती ब्याज दर 5% निर्धारित है। सरकार ब्याज पर अतिरिक्त सहायता वहन करती है।
दूसरे चरण के Loan के लिए पहले Loan की अदायगी तथा योजना की निर्धारित अन्य शर्तें लागू होती हैं।
कारोबार के लिए दूसरे प्रकार के Loan समझने के लिए Tara Times की Business Loan क्या है guide भी पढ़ें:
क्या Loan के लिए कोई संपत्ति गिरवी रखनी पड़ती है?
योजना के Enterprise Development Loans को Collateral-Free रखा गया है। यानी पात्र Loan के लिए सामान्य रूप से संपत्ति की गारंटी देने का प्रावधान नहीं है।
लेकिन Loan मंजूर होना अपने-आप सुनिश्चित नहीं होता। संबंधित प्रक्रिया और पात्रता पूरी करनी होती है।
Digital Payment करने पर भी मिलता है लाभ
कारीगरों को Digital Payment अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है।
सरकारी जानकारी के अनुसार पात्र Digital Pay-out या Bank Account में प्राप्त Digital Payment पर ₹1 प्रति Transaction, अधिकतम 100 पात्र Transactions प्रति माह तक प्रोत्साहन मिल सकता है।
Digital Payment की सामान्य जानकारी के लिए Tara Times की UPI क्या है और कैसे काम करता है guide पढ़ें:
कारीगरों का सामान बेचने में भी मिलेगी मदद
योजना में Marketing Support भी शामिल है।
लाभार्थियों को GeM, E-commerce platforms, Trade Fairs और Exhibitions जैसे माध्यमों से बड़े बाजार तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
इससे छोटे कारीगरों को केवल स्थानीय ग्राहकों पर निर्भर रहने के बजाय अपने उत्पाद ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिल सकता है।
Udyam Assist Platform से क्या फायदा है?
PM Vishwakarma के लाभार्थियों को Udyam Assist Platform पर भी जोड़ा जा रहा है।
इससे अनौपचारिक छोटे कारोबारों को औपचारिक MSME व्यवस्था से जोड़ने और Udyam Registration Number/Certificate प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है।
MSME और Udyam Registration की पूरी जानकारी Tara Times की इस guide में पढ़ें:
PM Vishwakarma Yojana के लिए Apply कैसे करें?
सरकारी जानकारी के अनुसार PM Vishwakarma के आवेदन Common Service Centre यानी CSC के माध्यम से जमा किए जाते हैं।
इसके बाद तीन स्तर की प्रक्रिया होती है:
- Gram Panchayat या Urban Local Body स्तर पर Verification
- District Implementation Committee द्वारा जांच और सिफारिश
- Screening Committee द्वारा Approval
इसलिए किसी व्यक्ति द्वारा पैसे लेकर “तुरंत योजना मंजूर कराने” के दावे से सावधान रहें।
आवेदन और योजना की आधिकारिक जानकारी के लिए PM Vishwakarma Portal देखें।
PM Vishwakarma Certificate और ID Card क्या है?
Registration और Verification की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लाभार्थियों को PM Vishwakarma Certificate और ID Card के जरिए पहचान दी जाती है।
यह योजना के Recognition component का हिस्सा है।
2026 तक कितने लोगों को Loan मिला?
15 सितंबर 2026 तक 6.19 लाख से अधिक Loans मंजूर किए जा चुके थे, जिनकी कुल राशि लगभग ₹5,316 करोड़ थी।
यह संख्या आगे बदल सकती है, इसलिए भविष्य में नवीनतम आंकड़े official source से जांचने चाहिए।
PM Vishwakarma Yojana के प्रमुख फायदे
एक पात्र कारीगर को योजना के अलग-अलग चरणों और शर्तों के अनुसार:
- Vishwakarma Certificate और ID Card
- Skill Training
- ₹500 प्रतिदिन Training Stipend
- ₹15,000 तक Toolkit
- ₹3 लाख तक Collateral-Free Loan
- 5% रियायती ब्याज दर
- Digital Transaction प्रोत्साहन
- Marketing Support
जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं।
इसका अर्थ यह नहीं है कि Registration करते ही सारी सहायता एक साथ अपने-आप मिल जाती है। प्रत्येक लाभ के लिए योजना की निर्धारित प्रक्रिया और पात्रता लागू होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PM Vishwakarma Yojana में कितने रुपये मिलते हैं?
योजना केवल एक निश्चित नकद राशि देने वाली योजना नहीं है। इसमें ₹15,000 तक Toolkit सहायता, Training के दौरान ₹500 प्रतिदिन Stipend और निर्धारित शर्तों पर ₹3 लाख तक Collateral-Free Loan सहित अलग-अलग लाभ हैं।
PM Vishwakarma में Loan कितना मिलता है?
पात्र लाभार्थी को दो चरणों में कुल ₹3 लाख तक Loan मिल सकता है—पहले चरण में ₹1 लाख और दूसरे में ₹2 लाख तक।
PM Vishwakarma Loan की ब्याज दर कितनी है?
लाभार्थी के लिए रियायती ब्याज दर 5% निर्धारित है।
Toolkit के लिए कितनी सहायता मिलती है?
पात्र लाभार्थी को आधुनिक Toolkit के लिए ₹15,000 तक सहायता मिल सकती है।
क्या Training के पैसे मिलते हैं?
हाँ। Basic और Advanced Skill Training के दौरान ₹500 प्रतिदिन Stipend का प्रावधान है।
आवेदन कहां से करें?
सरकारी जानकारी के अनुसार आवेदन Common Service Centre (CSC) के माध्यम से जमा किए जाते हैं।
निष्कर्ष
PM Vishwakarma Yojana के तीन वर्ष पूरे होने से पहले 30 लाख लाभार्थियों के Registration का लक्ष्य हासिल हो चुका है। 15 सितंबर 2026 तक 24.37 लाख से अधिक कारीगर Basic Training प्राप्त कर चुके थे, 18.16 लाख से अधिक को Toolkits मिली थीं और 6.19 लाख से अधिक Loans मंजूर किए जा चुके थे।
योजना का खास पहलू यह है कि इसमें केवल Loan नहीं, बल्कि Training, आधुनिक औजार, Digital Payment, औपचारिक कारोबार व्यवस्था और Marketing Support को भी साथ जोड़ा गया है।
Disclaimer
यह लेख 16 सितंबर 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक सरकारी जानकारी के आधार पर समाचार और सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। पात्रता, Loan approval, सहायता और आवेदन प्रक्रिया समय के साथ बदल सकती है। आवेदन करने से पहले PM Vishwakarma के आधिकारिक portal या अधिकृत CSC से वर्तमान नियमों की पुष्टि करें।

